नेपाल में नई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद से लोगों को उम्मीद थी कि वहां के हालात सुधरेंगे, लेकिन अब तक हालात में खास सुधार नहीं हो सका है. नेपाली शेयर बाजार की भी हालत भी बदहाल है. यहां के निवेशकों को उम्मीद थी कि बालेन शाह की अगुवाई वाली नई सरकार बनने से भरोसे का एक नया दौर शुरू होगा. लेकिन ऐसा नहीं हो सका और पिछले 5 महीने में ही 380 पॉइंट की गिरावट दर्ज हो चुकी है.

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की अगुवाई वाली सरकार, जिसके पास करीब दोतिहाई बहुमत है, उससे देश में राजनीतिक स्थिरता, साफसुथरी नीतियां और निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद थी. लेकिन इसके उलट, बाजार उल्टी दिशा में ही चला जा रहा है. मार्च में RSP के सत्ता संभालने के बाद से अगले 106 दिनों में, नेपाल के शेयर बाजार में निराशा ही छाई हुई है.
73 ट्रेडिंग दिनों में 47 दिन की गिरावट
शाह सरकार के कार्यकाल के दौरान 73 ट्रेडिंग दिनों में से, नेपाल स्टॉक एक्सचेंज इंडेक्स 47 दिनों तक गिरा और सिर्फ 26 दिन ही ऊपर चढ़ सका. इस दौरान बाजार में 380 से अधिक अंकों की गिरावट आई. कल सोमवार को, बाजार 2,580 अंकों के सपोर्ट लेवल से भी नीचे चला गया और 2,570.28 अंकों पर बंद हुआ. यह पिछले 6 महीने से अधिक समय में सबसे निचला स्तर है.
नेपाली बाजार के जानकारों का कहना है कि इस गिरावट से पता चलता है कि बेचने वालों का पलड़ा भारी है. इससे पहले इंडेक्स पिछली बार 22 दिसंबर, 2025 को इस स्तर से नीचे 2,581.24 अंकों पर बंद हुआ था.
5 महीनों में गिरावट ही गिरावट
बालेंद्र शाह के नेपाल के प्रधानमंत्री बनने से एक दिन पहले, 26 मार्च, 2026 को NEPSE इंडेक्स 2,950.50 पर था. लेकिन सोमवार तक, यह गिरकर 2,570.28 अंकों पर आ गया. इस तरह से गुजरे 5 महीनों में 380 से अधिक अंकों की इस गिरावट से निवेशकों की निराशा की गहराई का पता चलता है.
इसी दौरान, शेयर बाजार का कुल आकार करीब 600 अरब रुपये तक घट गया, और इस तरह से निवेशकों की होल्डिंग्स की वैल्यू भी कम हो गई. मार्केट कैपिटलाइजेशन, जो 26 मार्च को 5.009 ट्रिलियन रुपये था, सोमवार तक गिरकर 4.416 ट्रिलियन रुपये हो गया.
लगातार गिरता जा रहा भरोसा
इस गिरावट की बड़ी वजह शेयर बाजार से जुड़ी घटनाओं की जांच और सरकार के इरादों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशकों का कमजोर भरोसा माना जा रहा है. सोमवार तक, 79.86 लाख लोगों ने शेयर ट्रेडिंग के लिए अपने डीमैट खाते खोले थे. उनमें से 47 लाख लोगों ने सेकेंडरी मार्केट में ऑनलाइन लेनदेन के लिए ट्रेडिंग मैनेजमेंट सिस्टम खाते खोल रखे हैं.
हालांकि, इनमें से महज 4 लाख के आसपास ही एक्टिव निवेशक हैं. नेप्से आम तौर पर उन निवेशकों को एक्टिव निवेशक मानता है जिन्होंने साल में कम से कम एक बार शेयर खरीदे या बेचे हों.
लिस्टेड कंपनियों की संख्या स्थिर
नेपाल में मई के मध्य तक, NEPSE में 294 कंपनियां लिस्टेड थीं, जबकि पिछले साल इसी समय यह संख्या 271 थी. लिस्टेड कंपनियों में से 133 बैंक, फाइनेंशियल संस्थान और इंश्योरेंस कंपनियां हैं. इसके अलावा, 103 हाइड्रोपावर कंपनियां, 28 मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग कंपनियां हैं. साथ ही 9 होटल, 7 इन्वेस्टमेंट कंपनियां, 4 ट्रेडिंग कंपनियां और “अन्य” कैटेगरी में 10 कंपनियां शामिल हैं.
बैंक एंड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और इंश्योरेंस कंपनियां कुल सिक्योरिटीज मार्केट कैपिटलाइजेशन का 50.7 फीसदी हिस्सा रखती हैं. हाइड्रोपावर कंपनियों का हिस्सा 17.5 फीसदी है, इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज का 8.8 फीसदी, “अन्य” कैटेगरी का 8.3 फीसदी, इन्वेस्टमेंट कंपनियों का 6.9 फीसदी, ट्रेडिंग कंपनियों का 4.6 फीसदी और होटलों का 3.3 फीसदी हिस्सा है.