
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान2031 के तहत शहर के समग्र और सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राधिकरण ने शहर के सभी छह जोनों के लिए जोनल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने हेतु विशेषज्ञ कंसल्टेंसी सेवाओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए इच्छुक संस्थाओं से 15 जुलाई तक ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन के साथ पांच लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करना अनिवार्य होगा।
इससे पहले भी KDA ने इस परियोजना के लिए सलाहकार नियुक्त करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए थे।
466 गांवों के विकास को मिलेगी नई दिशा
शहर की बढ़ती आबादी और आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए KDA पहले ही मास्टर प्लान2031 में अपने अधिकार क्षेत्र के 466 गांवों को शामिल कर चुका है। अब जोनल डेवलपमेंट प्लान के माध्यम से इन गांवों के विकास की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी।
विशेष रूप से आउटर रिंग रोड के दोनों ओर स्थित गांवों के विकास पर फोकस रहेगा। भूमि उपयोग की स्पष्ट जानकारी मिलने से भविष्य की आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक परियोजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना आसान होगा।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
जोनल डेवलपमेंट प्लान के जरिए शहर के भविष्य के कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति मिल सकती है। इनमें—
आउटर रिंग रोड
गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
मेट्रो विस्तार
औद्योगिक निवेश क्षेत्र
नई सड़कें और फ्लाईओवर
जैसी परियोजनाओं को योजनाबद्ध रूप से शामिल किया जा सकेगा। इससे अनियोजित विकास और ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
जोनल प्लान में किन बिंदुओं पर होगा फोकस?
जोनल डेवलपमेंट प्लान में निम्न प्रमुख विषयों को शामिल किया जाएगा—
भूमि उपयोग : आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत और हरित क्षेत्रों का वैज्ञानिक वर्गीकरण।
परिवहन व्यवस्था : सड़क नेटवर्क, रिंग रोड, फ्लाईओवर, मेट्रो विस्तार और सार्वजनिक परिवहन।
आधारभूत सुविधाएं : जलापूर्ति, सीवर, ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बिजली और डिजिटल नेटवर्क।
भविष्य की जरूरतें : अगले 20 वर्षों की जनसंख्या और विकास आवश्यकताओं का अध्ययन।
GIS आधारित मैपिंग : डिजिटल मैपिंग और भूउपयोग का वैज्ञानिक विश्लेषण।
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगी मदद
KDA अधिकारियों के अनुसार, जोन स्तर पर विस्तृत योजना बनने से मास्टर प्लान को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में किस प्रकार का विकास किया जा सकता है और बुनियादी सुविधाओं का वितरण किस प्रकार होगा।
अधिकारियों का मानना है कि विस्तृत जोनल प्लान के कारण भविष्य में बिना वास्तविक मांग का आकलन किए आवासीय योजनाएं शुरू करने जैसी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा।