
अनुज शर्मा, लखनऊ ।अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा अब अस्थायी व्यवस्था के भरोसे नहीं रहेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीरामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की छठी वाहिनी के 1155 अस्थायी पदों को स्थायी कर दिया है। सरकार ने अपर पुलिस महानिदेशक को 7 जुलाई 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2022 में श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा के लिए जिन पदों को अस्थायी रूप से सृजित किया गया था, उन्हें करीब चार साल बाद स्थायी दर्जा दे दिया गया है। इससे अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को पहली बार स्थायी प्रशासनिक ढांचा मिल गया है।
चंदा चोरी और सीओओ की नियुक्ति की चर्चाओं के बीच आया आदेश
यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर देश में राजनीतिक और कानूनी चर्चाएं जारी हैं। हालांकि शासनादेश में इसका कोई उल्लेख नहीं है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी स्वरूप देने के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2022 में बनी थी छठी वाहिनी, अब मिली स्थायी पहचान
उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले यूपीएसएसएफ की पांच वाहिनियों के गठन का निर्णय लिया था। बाद में श्रीरामजन्मभूमि परिसर की संवेदनशीलता और स्थायी सुरक्षा आवश्यकता को देखते हुए अयोध्या के लिए छठी वाहिनी गठित की गई। इसके लिए 2022 में कुल 1155 पद अस्थायी रूप से स्वीकृत किए गए थे।
इन पदों की अवधि समयसमय पर बढ़ाई जाती रही। अंतिम बार 14 अक्टूबर 2025 के शासनादेश के जरिए इन्हें 28 फरवरी 2026 तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी। अब 9 जुलाई 2026 के नए आदेश के बाद ये सभी पद स्थायी हो गए हैं और पूर्व का अस्थायी आदेश स्वत संशोधित माना जाएगा।
किन पदों को किया गया स्थायी
शासनादेश के अनुसार निम्न पदों को स्थायी किया गया है—
सेनानायक 1
उप सेनानायक 1
सहायक सेनानायक 5
शिविरपाल/दलनायक 33
उपनिरीक्षक 66
मुख्य आरक्षी 174
आरक्षी 761
चालक आरक्षी 72
इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, प्रधान लिपिक, रेडियो निरीक्षक, प्रधान परिचालक, कार्यशाला सहायक, सहायक परिचालक और रेडियो अनुरक्षण सहित अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक पद भी स्थायी किए गए हैं।
क्या बदलेगा?
इस फैसले के बाद श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा में तैनात बल अब अस्थायी पदों पर निर्भर नहीं रहेगा। सुरक्षा बल की तैनाती, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को स्थायी आधार मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा संबंधी व्यवस्थाएं भी नियमित ढांचे के तहत संचालित होंगी।
क्या कहता है शासनादेश
गृह अनुभाग6 के सचिव जगदीश की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी के अंतर्गत श्रीरामजन्मभूमि सुरक्षा व्यवस्था हेतु स्वीकृत 1155 अस्थायी पदों को 9 जुलाई 2026 से स्थायी पदों में परिवर्तित किया जाता है। इन पदों पर नियमानुसार वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य अनुमन्य भत्ते देय होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एडीजी मुख्यालय को जारी किया गया पत्र।
एक नजर में
1155 पद हुए स्थायी
9 जुलाई 2026 को जारी हुआ शासनादेश
2022 में अस्थायी रूप से बनाई गई थी छठी वाहिनी
श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा के लिए लिया गया फैसला
सेनानायक से लेकर आरक्षी और तकनीकी स्टाफ तक सभी पद शामिल
अमृत विचार विश्लेषण
यह आदेश केवल कर्मचारियों के पद स्थायी करने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक संदेश यह है कि श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा व्यवस्था को अब सरकार ने स्थायी संस्थागत ढांचे में बदल दिया है। 2022 में जो व्यवस्था अस्थायी जरूरत के रूप में शुरू हुई थी, वह अब राज्य की नियमित सुरक्षा संरचना का हिस्सा बन गई है।