
एकतरफा प्यार जब जुनून में बदल जाए, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है, इसकी एक दर्दनाक मिसाल उस समय सामने आई जब शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
बताया जाता है कि एक युवक लंबे समय से एक युवती से एकतरफा प्रेम करता था। युवती ने उसका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और परिवार ने उसकी शादी किसी अन्य युवक से तय कर दी। यह बात आरोपी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने बदला लेने की ठान ली।
शादी से ठीक दो दिन पहले वह अपने कुछ साथियों के साथ युवती के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचते ही उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में शादी के सपने संजो रही युवती और उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। खुशियों से सजा घर देखते ही देखते चीख-पुकार से भर गया।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामला अदालत पहुंचा। कुछ समय बाद आरोपी ने जमानत के लिए ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के समय उसकी उम्र कम थी और मामले में गवाहों के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी पर केवल युवती की ही नहीं, बल्कि उसके पिता की हत्या और परिवार के दूसरे सदस्य को घायल करने का भी आरोप है। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर है और फिलहाल राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।
इसके बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि एकतरफा प्रेम के नाम पर हिंसा और कानून अपने हाथ में लेने जैसी घटनाओं को न्याय व्यवस्था गंभीरता से देखती है।
यह घटना याद दिलाती है कि प्रेम कभी भी किसी की इच्छा के विरुद्ध नहीं हो सकता। अस्वीकार किए जाने पर हिंसा का रास्ता चुनना न केवल कई जिंदगियां उजाड़ देता है, बल्कि आरोपी का भविष्य भी हमेशा के लिए अंधकार में धकेल देता है।