आजकल कई लोग बारबार चक्कर आने की समस्या का सामना करते हैं. कई बार यह परेशानी अचानक खड़े होने, लंबे समय तक भूखे रहने, शरीर में पानी की कमी या अधिक थकान जैसी सामान्य वजहों से हो सकती है. हालांकि, अगर बारबार या बिना किसी स्पष्ट कारण के चक्कर आने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह शरीर में किसी स्वास्थ्य समस्या या जरूरी पोषक तत्व की कमी का भी संकेत हो सकता है.

विशेषज्ञों के अनुसार, बारबार चक्कर आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे लो ब्लड प्रेशर, , डिहाइड्रेशन, कुछ दवाओं का असर, कान से जुड़ी समस्याएं या शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी. इसलिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय, लगातार चक्कर आने की स्थिति में कारण का पता लगाना जरूरी होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि बारबार चक्कर आना किस पोषक तत्व की कमी का संकेत हो सकता है, शरीर में इस पोषक तत्व की कमी क्यों होती है और इसे कैसे पूरा किया जा सकता है.
बारबार चक्कर आना किस पोषक तत्व की कमी का संकेत हो सकता है?
के अनुसार, बारबार चक्कर आना कुछ मामलों में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है. शरीर में आयरन की कमी होने पर पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता, जिससे शरीर के अलगअलग अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचने में कमी आ सकती है. इसके कारण चक्कर आना, कमजोरी, थकान, सांस फूलना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. आयरन की कमी संतुलित डाइट न लेने, लंबे समय तक खून की कमी होने, शरीर में आयरन का सही तरीके से एब्जॉर्पशन न होने या प्रेग्नेंसी जैसी स्थितियों के कारण हो सकती है.
महिलाओं, प्रग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों, टीनएज लड़कियों और बारबार ब्लड डोनेट करने वाले लोगों में आयरन की कमी का खतरा अधिक हो सकता है. हालांकि, सिर्फ चक्कर आने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में आयरन की ही कमी है. लगातार चक्कर आने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण का पता चल सके और उसी के अनुसार इलाज किया जा सके.
आयरन की कमी पूरी करने के लिए डाइट में क्याक्या शामिल करें?
आयरन की कमी पूरी करने के लिए डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, मेथी, दालें, राजमा, चना, सोयाबीन, गुड़, तिल, कद्दू के बीज, किशमिश और फोर्टिफाइड अनाज शामिल किए जा सकते हैं. जो लोग नॉनवेज खाते हैं, वे अंडे, मछली और कम फैट वाले मांस को डाइट में शामिल कर सकते हैं.
आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन सी से भरपूर चीजें जैसे संतरा, आंवला, अमरूद या नींबू का सेवन करने से आयरन के एब्जॉर्पशन में मदद मिल सकती है. इसलिए संतुलित डाइट लेना सबसे बेहतर माना जाता है.
आयरन सप्लीमेंट लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आयरन सप्लीमेंट हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें. निर्धारित मात्रा से अधिक आयरन लेना नुकसानदायक हो सकता है. कुछ लोगों में आयरन सप्लीमेंट से कब्ज, मतली या पेट में असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर ऐसी परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लें.
आयरन की गोलियां चाय, कॉफी या कैल्शियम सप्लीमेंट के साथ एक ही समय पर लेने से बचें, क्योंकि इससे आयरन का एब्जॉर्पशन प्रभावित हो सकता है. नियमित जांच कराते रहें और डॉक्टर के बताए अनुसार ही सप्लीमेंट का सेवन करें.