
Jaipur Viral Video: क्या किसी रेस्टोरेंट में प्रवेश के लिए आपके कपड़ों और जूतों का ‘ब्रांडेड’ होना जरूरी है? गुलाबी नगरी जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित चर्चित रेस्टोरेंट ‘1932-ट्रेवी’ (1932-Trevi) से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर हंगामा मचा दिया है। भरतपुर के आचार्य सतीश गुप्ता ने वीडियो वायरल कर आरोप लगाया है कि उन्हें लुंगी और चप्पल पहनने की वजह से रेस्टोरेंट में एंट्री नहीं दी गई।
जहां पीड़ित इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बता रहे हैं, वहीं रेस्टोरेंट प्रबंधन ने इसे अपनी पॉलिसी और ‘व्यवहार’ का मुद्दा करार देते हुए पीड़ित के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। आखिर क्या है चप्पल और लुंगी के पीछे छिपी इस विवाद की पूरी हकीकत?
क्या है पूरा मामला?
जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित रेस्टोरेंट “1932-ट्रेवी” से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति का दावा है कि उसे लुंगी और ओपन स्लीपर पहनकर अंदर जाने से रोका गया।
🚨 Shameful: Hotel Denied Entry for Wearing Indian Traditional Dress!
Shocking truth: 1932 Trevi Cafe, Jaipur Rajasthan denies entry for wearing a traditional Lungi and slippers.
How can Indian attire be banned in India”https://t.co/eOAIuW8OPO”>pic.twitter.com/eOAIuW8OPO
— Ramesh Tiwari (@rameshofficial0) April 13, 2026
वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान आचार्य सतीश गुप्ता के रूप में बताई जा रही है, जो भरतपुर के रहने वाले हैं। उनका आरोप है कि रेस्टोरेंट स्टाफ ने पहले लुंगी पर आपत्ति जताई और फिर ओपन स्लीपर को लेकर अंदर प्रवेश से रोक दिया।
रेस्टोरेंट स्टाफ की सफाई
वहीं रेस्टोरेंट स्टाफ का कहना है कि यह वीडियो अधूरी जानकारी के साथ बनाया गया है। फ्लोर मैनेजर विवेक के अनुसार, गेस्ट ने स्टाफ और मालिकों के साथ कथित रूप से बहस और धमकी दी थी, जिसके बाद मामला बढ़ा। स्टाफ का यह भी दावा है कि इस घटना को लेकर मोती डूंगरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि जयपुर पुलिस ने ऐसी किसी आधिकारिक FIR की पुष्टि नहीं की है।
रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि उनकी एक ड्रेस कोड और पॉलिसी है, जिसके तहत कुछ प्रकार के फुटवियर (जैसे ओपन स्लीपर) पर रोक हो सकती है, जबकि लुंगी जैसे पारंपरिक परिधान को लेकर अलग से कोई प्रतिबंध नहीं है। फिलहाल मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।



