राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी लवकुश मिश्रा के मकान पर ADA की कार्रवाई, पत्नी को 7 दिन की मोहलत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी लवकुश मिश्रा के मकान पर ADA की कार्रवाई, पत्नी को 7 दिन की मोहलत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर अयोध्या विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है, जिसके बाद आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा बुधवार को अपनी बेटी और पिता के साथ ADA कार्यालय पहुंचीं और सहादतगंज क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान से जुड़े अधूरे रिकॉर्ड्स के संबंध में प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र सौंपा. सुप्रिया मिश्रा ने मकान से जुड़े सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध कराने के लिए एक महीने का समय देने की मांग की. हालांकि ADA ने एक महीने की मांग तो स्वीकार नहीं की, लेकिन उन्हें 7 दिन की मोहलत जरूर दी है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी लवकुश मिश्रा के मकान पर ADA की कार्रवाई, पत्नी को 7 दिन की मोहलत

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने निर्देश दिया कि तय समय के भीतर सुप्रिया मिश्रा मकान से संबंधित सभी वैध रिकॉर्ड्स और फाइल्स पेश करें. दरअसल, ADA ने 3 जुलाई को आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान को लेकर पहला नोटिस जारी किया था. इसके बाद दूसरा नोटिस जारी किया गया, जिसकी आखिरी डेट 15 जुलाई निर्धारित की गई थी और इसे अंतिम नोटिस के रूप में चस्पा किया गया था. कहा जा रहा है कि अब अगर निर्धारित 7 दिनों के भीतर वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो प्राधिकरण नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है और मकान को सील कर सकता है.

लवकुश मिश्रा की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड है जमीन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस प्लॉट पर मकान बन रहा है, वो लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर रजिस्टर्ड है. लवकुश मिश्रा कथित तौर पर दान की धनराशि के गबन के आरोप में फिलहाल जेल में है. लवकुश मिश्रा के बगल वाले घर के मालिक राजेश पांडे ने बताया कि ADA ने मंगलवार को लवकुश मिश्रा के घर पर नोटिस चिपकाया था. लवकुश मिश्रा ने दिसंबर में यह जमीन खरीदी थी और इस साल फरवरी में उसपर निर्माण कार्य शुरू हुआ था.

7 जून को सामने आया था गबन का मामला

राम मंदिर के दान में कथित गबन का यह मामला 7 जून को सामने आया था, जिसकी जांच अभी जारी है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, लवकुश मिश्रा उन 8 लोगों में शामिल थे, जो मंदिर के दानकाउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े थे. इन लोगों को 26 जून को गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को दर्ज की गई एफआईआर के बाद की गई थी. गिरफ्तार किए गए लोगों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, राम शंकर यादव ‘टीनू’, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रमा शंकर मिश्रा और करुणेश पांडे शामिल हैं.

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