
कानपुर,अमृत विचार। मानसून के मद्देनजर गंगा नदी के जलस्तर पर सतत निगरानी के क्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गंगा बैराज स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर जलस्तर एवं बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से दैनिक जलस्तर, संभावित परिस्थितियों तथा राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की जानकारी ली। गंगा में खतरे के निशान के पास पानी पहुंच चुकी है, इसलिए गहरे पानी में स्नान करने की कोशिश नहीं करें।
फ्लड कंट्रोल कार्यालय के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे गंगा बैराज पर अपस्ट्रीम जलस्तर 112.500 मीटर तथा डाउनस्ट्रीम 111.900 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 88,557 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यहां चेतावनी स्तर 114.000 मीटर तथा खतरे का निशान 115.000 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 1.50 मीटर और खतरे के निशान से 2.50 मीटर नीचे है। वहीं शुक्लागंज गेज पर जलस्तर 110.510 मीटर दर्ज किया गया, जो वहां निर्धारित चेतावनी एवं खतरे के स्तर से काफी नीचे है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी हो रही है, सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां लगातार वर्षा के कारण जलस्तर बढ़ा है, वहां चेतावनी संकेत अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
गुप्तारघाट, भैरवघाट समेत घाटों पर चेतावनी संकेतक लगे
इसी क्रम में परमट घाट, गुप्तार घाट, भैरव घाट सहित बिल्हौर तहसील एवं सदर क्षेत्र के विभिन्न घाटों और जलभराव वाले स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं, ताकि लोग गहरे पानी वाले स्थानों की पहचान कर सकें और किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि वर्षा ऋतु में गहरे पानी में स्नान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
बाढ़ प्रभावितों को राहत देंगे, एनडीआरएफ की टीम सर्तक
किसी भी संभावित बाढ़ अथवा आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राहत सामग्री, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है तथा राहत किट वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहली बार कानपुर में एनडीआरएफ की एक यूनिट उपलब्ध रहेगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल तैनात किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह, तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी सहित बाढ़ नियंत्रण एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।