टमाटर पर झगड़ा, मां की पीट-पीटकर की थी हत्या…लखनऊ दिव्या हत्याकांड में बहन प्रज्ञा के दावे, बताया कितना ‘साइको’ था पति मानस

टमाटर पर झगड़ा, मां की पीट-पीटकर की थी हत्या…लखनऊ दिव्या हत्याकांड में बहन प्रज्ञा के दावे, बताया कितना ‘साइको’ था पति मानस
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लखनऊ दिव्या हत्याकांड के बाद उनकी बहन प्रज्ञा मिश्रा ने मानस के बर्ताव को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं. प्रज्ञा ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मानस छोटी-छोटी बातों पर दिव्या से झगड़ा करता था और कथित तौर पर मारपीट भी करता था. उन्होंने बताया कि एक बार ऑनलाइन मंगाए गए टमाटरों में कुछ खराब निकलने पर भी मानस ने दिव्या को पीटा था. इतना ही नहीं, घर के खर्च को लेकर भी दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था.

प्रज्ञा ने यह भी आरोप लगाया कि मानस का विवाद सिर्फ दिव्या तक सीमित नहीं था. उनके मुताबिक, फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग के दौरान उसकी काउंसलर से भी बहस हुई थी. इसके अलावा, प्रज्ञा ने यह भी दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने अपनी मां के साथ भी मारपीट की थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

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खराब टमाटर पर करता था लड़ाई

प्रज्ञा मिश्रा ने पोस्ट में बताया कि मानस अक्सर दिव्या के साथ मारपीट करता था. इसलिए वह उससे अलग होना चाहती थी. उन्होंने बताया कि एक बार ऑनलाइन मंगाए गए टमाटरों में अगर कोई खराब निकल जाता था, तो वह इस बात पर दिव्या के साथ मारपीट करता था और पूछतचा था कि उससे ऐसी गलती कैसे हो गई. इतना ही नहीं, प्रज्ञा के अनुसार, फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग के दौरान भी मानस की काउंसलर से भी बहस हो गई थी.

मां की पीट-पीटकर की हत्या

प्रज्ञा ने पोस्ट में यह भी दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने उसकी मां के साथ भी मारपीट की थी. उनका आरोप है कि इस घटना के बाद उनकी बीमार मां की मौत हो गई थी.

शादी के बाद खर्च को लेकर भी विवाद

प्रज्ञा ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में ही मानस ने घर के खर्च को लेकर एक नियम जैसा बना दिया था. उनके मुताबिक, सुहागरात पर ही उसने घर के खर्च का हिसाब सामने रखकर आधा खर्च उठाने की बात कही थी. दिव्या ने यह बात मान ली थी. बाद में दिव्या ने करीब एक साल से अपने हिस्से का खर्च देना बंद कर दिया था. प्रज्ञा के मुताबिक, मानस इसे अपने खिलाफ धोखे की तरह देखता था और इसी वजह से विवाद और बढ़ता गया.

दिव्या मिश्रा को लेकर क्या बताया?

प्रज्ञा ने बताया कि तमाम परेशानियों के बावजूद दिव्या ने तीज का व्रत रखने का फैसला किया था. उनके हाथ पर मानस के नाम का टैटू भी था, जिसे उन्होंने हटवाया नहीं था. दिव्या के मन में कहीं न कहीं यह उम्मीद थी कि उनका रिश्ता सुधर सकता है. लेकिन हालात इसके बिल्कुल उलट हो गए. प्रज्ञा का कहना है कि दिव्या ने उन्हें पहले ही बताया था कि मानस ‘साइको’ जैसा बर्ताव करता है, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि बात हत्या तक पहुंच जाएगी.

CCTV और हथियारों को लेकर उठाए सवाल

पोस्ट में प्रज्ञा ने पोस्ट में हथियारों को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा बैंक के सामने हत्या के समय का एक सीसीटीवी मिला है. इसमें बैंक कर्मचारियों की भीड़ भाग रही है और हत्यारा हत्या कर रहा है. बैंक में काम करने वाले हत्यारे के पास तीन-तीन रिवॉल्वर कहां से आए. किसने उस तक ये रिवॉल्वर पहुंचाईं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। किसने उसे इतना जघन्य अपराध करने के लिए प्रेरित किया. हत्यारा कार नहीं चला पाता था, तो कार से आने जाने वाली थ्योरी कहां से आई. वो ऑटो से हत्या करने आया था. ऑटो से ही भागा तो कोई दूसरा शख्स इसमें मिला हुआ है. ऑटो वाला कौन था. कोई तो होगा जिसे सबके मर जाने के बाद फायदा हो रहा होगा पुलिस को खोजना चाहिए.

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