Pune Ketan Murder Case: पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से धकेलकर की गई केतन अग्रवाल की निर्मम हत्या का मामला पूरे देश में गरमाया हुआ है. इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी और केतन की होने वाली मंगेतर सिया गोयल के परिवार को अब प्रशासन ने एक और करारा झटका दिया है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन के तेजतर्रार आयुक्त तुकाराम मुंडे के निर्देश पर एफडीए की टीम ने पुणे के मार्केट यार्ड स्थित सिया गोयल के पिता की दुकान पर बड़ी छापेमारी की है. नियमों के उल्लंघन के आरोप में इस दुकान को सील कर दिया गया है.

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे की इस कार्रवाई से मार्केट यार्ड के व्यापारिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. FDA की जांच में सामने आया कि सिया गोयल के पिता की दुकान बिना वैध बिजनेस लाइसेंस के चलाई जा रही थी. इसके अलावा दुकान में रखे खाद्य पदार्थों और अन्य सामानों की गुणवत्ता बेहद घटिया पाई गई. नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में प्रशासन ने दुकान को दो दिनों के लिए पूरी तरह सील कर दिया है. इसके साथ ही मौके से लगभग 8 लाख रुपये मूल्य का 4,000 किलोग्राम मिलावटी व घटिया सामान जब्त किया गया है.
क्या है केतन अग्रवाल मर्डर केस?
पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि केतन अग्रवाल की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसकी होने वाली पत्नी सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर की थी. दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से केतन को लोहागढ़ किले की पहाड़ी पर बुलाया और वहां से नीचे खाई में धक्का दे दिया. पुलिस दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर पूछताछ कर रही है.
न्याय के लिए केतन की मां ने PM मोदी को लिखा भावुक पत्र
बेटे की मौत के बाद न्याय की गुहार लगा रही केतन की मां का दर्द अब सार्वजनिक रूप से सामने आया है. उन्होंने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. पत्र में मां ने लिखा, “हर मां की तरह मैंने भी सपना देखा था कि मेरा बेटा खुशहाल जीवन जिए और बुढ़ापे में हमारा सहारा बने, लेकिन मुझे उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा. मेरे बेटे की बेरहमी से हत्या कर मेरी पूरी दुनिया तबाह कर दी गई.” उन्होंने आगे लिखा कि घर का हर कोना केतन की याद दिलाता है. वे किसी तरह की विशेष कृपा या सहानुभूति नहीं मांग रही हैं, बल्कि सिर्फ अपने मृत बेटे के लिए इंसाफ चाहती हैं ताकि वे उसकी तस्वीर के सामने सिर उठाकर खड़ी हो सकें.
वहीं, इससे पहले केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक बेहद दर्दभरा और भावुक ईमेल भेजा था. इस पत्र में उन्होंने किसी रसूखदार व्यक्ति की तरह नहीं, बल्कि एक टूटे हुए पिता के रूप में अपने बेटे के लिए इंसाफ की गुहार लगाई थी. विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति से इस जघन्य अपराध की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को जल्द से जल्द फांसी या कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की व्यक्तिगत अपील की थी.