
सीबीगंज/ बरेली, अमृत विचार। सुपीरियर इंडस्ट्रीज में बुधवार को वायलर की कन्वेयर बेल्ट में फंसकर एक मजदूर की मौत हो गई। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही और बिना सहमति के ओवरटाइम कराने का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री गेट पर शव रखकर जमकर हंगामा किया। थाना प्रभारी विनोद सिंह और सीओ द्वितीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। इस मामले में फैक्ट्री प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच वार्ता में कोई सहमति नहीं बन सकी।
आंवला क्षेत्र के गांव धीरपुर निवासी सत्यपाल सागर सीबीगंज स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज में वायलर पर मजदूरी करते थे। परिजनों के मुताबिक मंगलवार शाम सात बजे उनकी ड्यूटी शुरू हुई थी, जो बुधवार सुबह सात बजे खत्म होनी थी। आरोप है कि इसके बाद भी उनसे लगातार ओवरटाइम कराया जा रहा था। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे काम करने के दौरान सत्यपाल वायलर की कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आ गए। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे गौतम ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में कन्वेयर बेल्ट के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। बेल्ट पर सुरक्षा जाली भी नहीं लगी थी, जिसके चलते उनके पिता उसकी चपेट में आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने परिजनों को सूचना दिए बिना शव घर भिजवा दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर फैक्ट्री गेट पर पहुंच गए और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस ने कराया समझौते का प्रयास, नहीं बनी बात
हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी विनोद सिंह और सीओ द्वितीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और फैक्ट्री प्रबंधन व मृतक के परिवार के बीच बातचीत कराई, लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी। बताया गया कि सत्यपाल ठेकेदार बाबूराम के अधीन काम करने के लिए पहले ही दिन फैक्ट्री पहुंचे थे। घटना के बाद मौके पर परिजनों का रोरोकर बुरा हाल रहा। परिवार में उनकी मां नत्थी देवी, पत्नी राजेश्वरी देवी, चार बेटे गौतम, योगेश, पुष्पेंद्र और विशाल और दो बेटियां नीतू और खुशी हैं।
प्रबंधन बोला ठेकेदार के अधीन था मजदूर, हरसंभव मदद को तैयार
फैक्ट्री के एचआर मैनेजर दिनेश मिश्रा ने बताया कि मजदूर ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था और वह पहले ही दिन ड्यूटी पर आया था। हादसे के बाद तत्काल उसे अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन मानवता के आधार पर मृतक के परिजनों को हरसंभव आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार है।
दो साल पहले भी हो चुकी है इसी तरह मजदूर की मौत
सीबीगंज में इसी तरह का हादसा पहले भी हो चुका है। गांव पस्तोर निवासी मजदूर ताराचंद की भी करीब दो वर्ष पहले इसी ठेकेदार बाबूराम के अधीन काम करते समय वायलर की कन्वेयर बेल्ट में फंसकर मौत हो गई थी। उस समय भी परिजनों ने फैक्ट्री परिसर में शव रखकर हंगामा किया था।