
लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल अब अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अगले 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप सकती है। इस रिपोर्ट के बाद मंदिर प्रशासन और चढ़ावे की गणना व प्रबंधन प्रणाली में बड़े बदलाव किए जाने की संभावना है।
एसआईटी ने पूरी की जांच, सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जांच के लिए टीम को पहले 15 दिन का समय दिया गया था, जिसे बाद में एक जुलाई को 15 दिन के लिए बढ़ाया गया। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी का कार्यकाल अब आगे बढ़ने की संभावना कम है और जल्द ही जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।
रिपोर्ट पर टिकीं ट्रस्ट और प्रशासन की नजरें
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच दल की सिफारिशों के आधार पर मंदिर में दान राशि की गिनती, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किए जा सकते हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित है। ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी को एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई थीं कई कार्रवाई
एसआईटी ने 23 जून को सरकार को नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद मामले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। इनमें प्राथमिकी दर्ज होना, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे शामिल हैं। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने भी कहा था कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह इस मामले पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने प्रारंभिक रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर सवाल भी उठाए थे।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में भी है मामला
राम मंदिर चढ़ावा कथित चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी है। शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई को मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। अदालत ने एसआईटी से जांच की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
आठ आरोपी गिरफ्तार, नकदी बरामद
मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों के इस्तीफे और चढ़ावे से कथित रूप से निकाली गई नकदी की बरामदगी भी सामने आ चुकी है। अब सबकी नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिससे यह तय होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं में आगे क्या बदलाव किए जाएंगे।
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