
सोचिए… आपके घर में चोरी हो जाए। कुछ दिन बाद अचानक किसी का फोन आए और वह खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कहे कि आपका चोरी हुआ सामान बरामद हो गया है। लेकिन उसे वापस लेने के लिए कुछ पैसे देने होंगे। ऐसे में शायद कई लोग उस पर भरोसा कर लें।
महाराष्ट्र के लातूर से सामने आए एक मामले में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों का भरोसा जीतता था।
जांच के अनुसार, आरोपी सबसे पहले अखबारों में प्रकाशित चोरी और लूट की खबरों पर नजर रखता था। इसके बाद वह किसी तरह पीड़ितों की जानकारी और संपर्क नंबर हासिल करता और उन्हें फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताता था।
आरोप है कि भरोसा दिलाने के लिए वह कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इतना ही नहीं, वह एक ऐसा वीडियो भी दिखाता था, जिसमें खुद को यूपीएससी इंटरव्यू में शामिल होने वाला अधिकारी बताने की कोशिश करता था। इन सबके जरिए वह लोगों का विश्वास जीत लेता था।
इसके बाद वह दावा करता कि चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया है और उसे वापस दिलाने के लिए कुछ औपचारिकताओं या खर्च के नाम पर पैसे मांगता था। पुलिस के अनुसार, कई लोग उसके झांसे में आकर रकम दे देते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। सूचना मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाकर संदिग्ध युवक को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पुलिस को ऐसे कई मामलों की जानकारी मिली, जिनमें आरोपी पर इसी तरह लोगों को धोखा देने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अलग-अलग जिलों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है। इस संबंध में अन्य जिलों की पुलिस भी जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नकदी भी बरामद होने की बात कही है। हालांकि, अलग-अलग मामलों में बरामद रकम और ठगी की कुल राशि की जांच अभी जारी है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे नेटवर्क तथा अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पैसे मांगे, तो उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि किए बिना किसी भी तरह का भुगतान न करें।