यूपी के सीतापुर​​ में हैवान बाप ने नाबालिग बेटी से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने दी सख्त सजा​​

यूपी के सीतापुर​​ में हैवान बाप ने नाबालिग बेटी से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने दी सख्त सजा​​
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यूपी के सीतापुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी बाप पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने सभी साक्ष्यों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जिसके चलते मात्र तीन माह की सुनवाई में यह फैसला आया। यह पूरा मामला कमलापुर थाना क्षेत्र का है।

बेटी को झूठ बोलकर बहन के घर से ले गया बाप

17 मई 26 को आरोपी पिता मतोले जो कि गवहिया का रहने वाला है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वह अपनी नाबालिक बेटी को अपनी बहन के घर से उसकी मां के पास राजस्थान ले जाने की बात कहकर बहाने से बुलाकर ले गया था। इसके बाद वह उसे जंगल में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। डरी-सहमी बेटी ने घर पहुंचकर अपनी मां को आपबीती बताई। घटना की जानकारी होने के बाद मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी की इंसाफ दिलाने के लिए मां ने उसी दिन थाने पहुंच कर अपने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

कैसे हुआ दुष्कर्म का खुलासा
कमलापुर की कोतवाल इतुल चौधरी ने मुकदमा दर्ज करने के बाद पीड़िता का मेडिकल कराया और घटना से जुड़े साक्ष्यों को, जैसे घटना स्थल पर टूटे पड़े बाप के शर्ट के बटन, बाल सहित पीड़िता के कपड़ो को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा और रिपोर्ट एवं मेडिकल साक्ष्यों को जुटा कर अपराध की पूर्ण पुष्टि की। वहीं पुलिस ने आरोपी बाप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में महज दस दिन के अन्दर यानी  2 जून 26 को पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।

कोर्ट ने बाप को सुनाई सख्त सजा
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अवनीश कुमार की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई तेजी से चली। अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत पैरवी की गई और पीड़िता सहित गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में दोषी पिता को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न अदा करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इतना ही नहीं अर्थदंड की रकम पीड़िता को देने के आदेश दिए।

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