Quick Samachar: रूस समर्थित नायरा एनर्जी ने भारत में 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों के साथ सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता बनकर अपनी स्थिति मजबूत की है, जिससे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता बढ़ी है। कंपनी ने तेजी से विस्तार करते हुए पिछले 18 महीनों में 500 से अधिक नए पंप खोले हैं, जबकि मुकेश अंबानी की जियोबीपी के पास 2,000 से अधिक पंप हैं।

रूस का पेट्रोल पंप गैस-तेल संकट के बीच गांव-गांव पहुंचा! आंकड़ा 7000 के पार; मुकेश अंबानी की कंपनी रह गई पीछे​

रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी ने भारत में अपने पेट्रोल पंप की संख्या 7,000 के पार पहुंचाते हुए निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी ईंधन खुदरा विक्रेता के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। कंपनी के तेजी से विस्तार के बीच शहरों, राजमार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईंधन की उपलब्धता बढ़ गई है। कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार पिछले 18 महीनों में 500 से अधिक नए पेट्रोल पंप शुरू किए गए हैं। यह औसतन प्रतिदिन लगभग एक नए केंद्र के संचालन के बराबर है।

इस विस्तार के माध्यम से कंपनी देशभर में अपने खुदरा नेटवर्क को मजबूत बनाने के साथसाथ उन क्षेत्रों तक भी पहुंच बढ़ा रही है, जहां ईंधन अवसंरचना अभी विकास की प्रक्रिया में है। कंपनी ने बताया कि उसके कुल पेट्रोल पंप में लगभग एकतिहाई हिस्सेदारी ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों में स्थित केंद्रों की है। इससे इन इलाकों में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।

नायरा एनर्जी पेट्रोल पंप ने कैसे मुकेश अंबानी की कंपनी को किया पीछे

जियो बीपी की वेबसाइट के मुताबिक मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो के पूरे भारत में 2 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। यह संख्या नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंप की संख्या 7,000 से काफी कम है।

रिलायंस के Jiobp के बारे में

Jiobp भारत की प्रमुख एनर्जी कंपनी है, जोरिलायंस इंडस्ट्रीज और bp का एक जॉइंट वेंचर है। पूरे भारत में 2,000 से ज़्यादा मोबिलिटी स्टेशनों के साथ, हम आपके लिए प्रीमियम एडिटिवयुक्त फ़्यूल, फास्ट EV चार्जिंग, CNG फ़िलिंग, नाइट्रोजन टायर इन्फ़्लेशन, डोरस्टेप डीज़ल डिलीवरी और वाइल्ड बीन कैफे जैसी सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराते हैं।

भारत की रूस से क्रूड ऑयल की रिकॉर्ड खरीददारी

हाल ही आई रिपोर्ट के मुताबिक जून में रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद में तेजी से वृद्धि हुई है। समुद्री और कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 1 जून से 19 जून के बीच औसतन 2.66 मिलियन बैरल प्रतिदिन रूसी कच्चे तेल का आयात किया, जो मई में 1.91 मिलियन बीपीडी की तुलना में गजब का उछाल है। इस बढ़ोतरी ने कच्चे तेल के भारत के सबसे बड़े स्रोत के रूप में रूस की स्थिति को और मजबूत किया है। रूसी कच्चा तेल भारत की तेल खरीद रणनीति का केंद्रीय हिस्सा बना हुआ है।

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