Quick Samachar: Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आई जानकारी ने हादसे को और भी गंभीर बना दिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कोचिंग सेंटर का मुख्य प्रवेश द्वार थंब इम्प्रेशन सिस्टम से संचालित होता था। आग लगने के बाद यह सिस्टम स्वतः लॉक हो गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों और कर्मचारियों के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया।

थंब इम्प्रेशन लॉक बना ‘काल’…ऑटोमैटिक गेट बंद होने से फंसे छात्र, लखनऊ अग्निकांड मामले में बड़ा खुलासा​
थंब इम्प्रेशन लॉक बना ‘काल’…ऑटोमैटिक गेट बंद होने से फंसे छात्र, लखनऊ अग्निकांड मामले में बड़ा खुलासा​

सूत्रों के मुताबिक, आग लगने के बाद बिजली और सुरक्षा प्रणाली प्रभावित होने से गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया। अचानक धुएं और आग से घिरे छात्र बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन मुख्य द्वार नहीं खुलने के कारण कई लोग इमारत के भीतर ही फंस गए। बताया जा रहा है कि इसी वजह से हालात तेजी से बिगड़े और बड़ी संख्या में लोग धुएं व आग की चपेट में आ गए।

इमेरजेंसी नहीं होने से फंसे छात्र

जांच में यह भी सामने आया है कि बहुमंजिला इमारत में की कोई व्यवस्था नहीं थी। यदि वैकल्पिक निकास मार्ग मौजूद होता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। आग फैलने के दौरान मुख्य सीढ़ियां धुएं और लपटों से भर गई थीं, जिसके बाद छात्रों के पास बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन निकास की अनुपस्थिति और बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम के फेल होने ने इस हादसे को और भयावह बना दिया। इसी कारण 15 लोगों की जान चली गई।

बिल्डिंग मालिकाना हक और नक्शे को लेकर भी उठे सवाल

हादसे के बाद इमारत के मालिक संबंधी जानकारी भी चर्चा में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, जिस जमीन पर यह इमारत बनी है वह वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर दर्ज बताई जा रही है। वहीं, भवन का नक्शा सुरेंद्र शुक्ला और धीरेन्द्र शुक्ला के नाम पर स्वीकृत होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र शुक्ला रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए हैं और संस्थान के मालिक हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

कई एंगल से जांच जारी

हादसे के बाद प्रशासन, और अन्य एजेंसियां इमारत की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कर रही हैं। विशेष रूप से यह देखा जा रहा है कि क्या भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, आपातकालीन निकास क्यों नहीं बनाया गया और बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम को लेकर क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए गए थे।

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और हादसे से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है। लखनऊ के इस दर्दनाक अग्निकांड ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों और कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।