Quick Samachar: Bijnor News: जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपनी 81 दिवसीय पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान के तहत सोमवार को बिजनौर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गौ संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर दबाव बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर गुजर रही है और इसी क्रम में पदयात्रा बिजनौर पहुंची है।

Bijnor News: “गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करें”, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले – 24 जुलाई तक नहीं हुई कार्रवाई तो आंदोलन करूंगा​

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनकी पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना, गौमांस के निर्यात पर रोक लगवाना और देशभर में गायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर लगातार जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 जुलाई तक गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दिया गया तो लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार को घेरा

अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे और कथित गड़बड़ी से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर ट्रस्ट का गठन हुआ था, तभी इसके संकेत दिखाई देने लगे थे। उनका कहना था कि देश के बड़ेबड़े धर्माचार्यों को ट्रस्ट की प्रक्रिया से अलग रखा गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से शुरुआत में ही कई तरह के सवाल खड़े हो गए थे।

ट्रस्ट की संरचना और विश्वस्तों को लेकर उठाए सवाल

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कई बार समितियों में अपने विश्वसनीय लोगों को शामिल किया जाता है और ऐसे मामलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से चंपत राय के बारे में यह शंका नहीं है कि वह स्वयं चोरी करने वाले व्यक्ति हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विश्वस्त लोग अपने लिए नहीं बल्कि अपने आकाओं के लिए काम करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 

देश में नकली हिंदुओं की बढ़ती संख्या का लगाया आरोप

बिजनौर में मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि देश में नकली हिंदुओं की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय को माता तक नहीं कह पा रहे हैं, वे हिंदू समाज का सही प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। उन्होंने गौ संरक्षण के मुद्दे को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। 

एसआईटी जांच की निष्पक्षता पर भी उठाए प्रश्न

राम मंदिर से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम को लेकर भी शंकराचार्य ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत हो रही है तो निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी स्थिति में किसी अधिकारी के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष राय देना आसान नहीं होता, खासकर तब जब मामला उच्च स्तर तक जुड़ा हुआ माना जा रहा हो। शंकराचार्य ने कहा कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर लोगों का भरोसा बना रहना जरूरी है।