उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जलभराव और सड़कों के जलमग्न को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट के इस पर सवाल उठाया था. जिसके बाद अब वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर कड़ा पलटवार किया है. मेयर ने सुझाव दिया कि अखिलेश यादव को ऐसी छोटीमोटी राजनीतिक बातों में नहीं पड़ना चाहिए.

उन्होंने जलभराव को लेकर चलाए गए सोशल मीडिया कैंपेन के हालात की जांच की मांग की है. मेयर अशोक तिवारी ने अखिलेश यादव पर बनारस के बारे में कम जानकारी होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यादव का सूचना नेटवर्क काफी कमजोर लगता है और उन्हें सलाह दी कि वे सही जानकारी के बिना सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर न करें.
उन्होंने कहा कि ऐसे तरीके नहीं अपनाने चाहिए जिनसे काशी की बदनामी हो. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यह शहर के लोगों का सीधा अपमान है. मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि जलकल विभाग ने सीवर पाइपलाइन के अंदर बोरी मिलने की घटना पर कार्रवाई की गई है और भेलूपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है. यह कदम जलभराव के पीछे किसी संभावित साजिश की ओर इशारा करता है.
अखिलेश यादव पर लगाया आरोप
मेयर अशोक तिवारी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उन जगहों की तस्वीरें पोस्ट कीं, जहां सीवर में बोरियां मिली थीं. इसे राजनीतिक विरोधियों की साजिश का संकेत बताते हुए मेयर ने कहा कि नालियों में बोरियां डालकर शहर के सिस्टम को खराब करने की कोशिश की गई.
सोशल मीडिया पर चल रहा था कैंपेन
मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि काशी में जलभराव और डूबी हुई सड़कों को उजागर करने वाला एक कैंपेन लगभग एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर चल रहा था. अलगअलग वार्डों में इन समस्याओं को दिखाने वाले वीडियो अक्सर सामने आ रहे थे. सोशल मीडिया की शिकायतों और वीडियो के जरिए पहचानी गई खास जगहों का निरीक्षण करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को भेजा गया. निरीक्षण में पता चला कि कई इलाकों में सीवर कचरे और मलबे से ढके हुए थे, और सीवर लाइनों को जानबूझकर दूसरी चीजों से बंद कर दिया गया था.
अखिलेश यादव ने फिर कसा तंज
समाजवादी पार्टी ने भी मेयर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “दिल्ली के खिलाफ लड़ाई में बनारस के मेयर ने लखनऊ के साथ ‘जोड़ी’ बना ली है.” बीजेपी के सदस्य एक घिसेपिटे फॉर्मूले का पालन करते हैं, “खुद गलत काम करो, फिर दूसरों को बदनाम करो.” अखिलेश यादव ने आगे चुटकी लेते हुए कहा, “‘सुरंग में रहने वालों’ की राजनीति अब सीवर तक आ गई है; यह और कितना नीचे गिरेगी?”