Quick Samachar: भारतीय रिजर्व बैंक ने देश की बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को आरबीआई ने बैंकिंग सिस्टम में 1,41,171 करोड़ रुपए डालें हैं. रिजर्व बैंक ने यह कदम ऐसे में उठाया है जब देश का बैंकिंग सिस्टम लिक्विडिटी की कमी से जूझ रहा है. दरअसल बैंकों में पर्याप्त पैसे होने का फायदा आम आदमी को भी मिलता है.

बैंकिंग सिस्टम में पैसा होने के चलते बैंक आम जनता को आसानी से लोन मुहैया करा पाते हैं. मौजूदा समय में बैंकिंग सिस्टम नकदी की कमी हुई है. आकड़ों के मुताबिक 21 जून को 30,685.11 करोड़ रुपए का सरप्लस घटकर 22 जून को 19,971.89 करोड़ रुपये के घाटे में चली गई. इसलिए रिजर्व बैंक ने इस कमी को पूरा करने के मकसद से 5.26 प्रतिशत की कटऑफ औसत पर यह रकम बैंकों में डाली है.
क्या होता है वीआरआर सिस्टम
भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को यह रकम वीआरआर नीलामी के माध्यम से डाला है. वीआरआर नीलामी आरबीआई का एक माध्यम है, जिसके जरिये वह बैंकिंग प्रणाली में नकदी की अस्थायी कमी या अधिकता को संतुलित करना होता है. जानकारों के मुताबिक नकदी में यह कमी माल एवं सेवा कर भुगतान के कारण बैंकिंग प्रणाली से धन की निकासी के चलते आई है. नकदी के घाटे में जाने से ओवरनाइट मनी मार्केट दरों पर दबाव बढ़ा है, जहां भारित औसत कॉल मनी दर 5.43 प्रतिशत पर रही, जो आरबीआई की रेपो दर से 0.18 प्रतिशत अधिक है.
कैसे मिलेगा आम आदमी को फायदा
जब देश में बैंकों के पास पर्याप्त पैसा होता है तो बैंकों को लोन बांटने में आसानी होती है. इस तरह बैंक कॉरपोरेट से लेकर खुदरा लोन की कमी को पूरा कर पाते हैं. जब बैंक के पास पैसे होते हैं और बैंक ज्यादा से ज्यादा लोन बांट पाता है तो मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ जाती है. जिसका फायदा इकोनॉमी से लेकर आम आदमी तक दिखता है. बैंकों में नकदी के दवाब को कम करने के और ओवरनाइट मनी मार्केट दरों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने पिछले कुछ दिनों में विभिन्न अवधियों की वीआरआर नीलामी के जरिये करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली है. आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई ने सोमवार को ओवरनाइट वीआरआर के जरिये 36,300 करोड़ रुपये, शुक्रवार को तीनदिवसीय वीआरआर नीलामी के माध्यम से 16,750 करोड़ रुपये, बुधवार को दो वीआरआर नीलामियों के जरिये 72,300 करोड़ रुपये, 16 जून को सातदिवसीय वीआरआर नीलामी में 89,440 करोड़ रुपये और 15 जून को ओवरनाइट वीआरआर नीलामी के जरिये 28,220 करोड़ रुपये डाले.
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