Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में एक युवक ने अपनी प्रेमिका पर उसे फंसाने के लिए उसकी इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल कर खुद को धमकी भरे मैसेज भेजने का आरोप लगाया है. आरोप है कि युवती ने युवक के इंस्टाग्राम खाते से अपने और अपनी बहन के पास धमकी भरे संदेश भेजे. इसके साथ ही एआई की मदद से तैयार की गईं फोटो भी भेजी गईं. बाद में इन्हीं मैसेज को आधार बनाकर पुलिस से शिकायत की गई. मामले की जांच शुरू हुई तो युवक ने अपनी इंस्टाग्राम और खाते से जुड़े ईमेल की जानकारी जुटाकर पुलिस के सामने रखी. इसके बाद मामले की कहानी बदल गई.

दरअसल, अमन घिल्डियाल ने पुलिस को बताया कि वह सीबीगंज में पड़ोस में रहने वाली मिताली गुप्ता के साथ पिछले कुछ वर्षों से आपसी सहमति से रिश्ते में था. इसी दौरान मिताली को उसके इंस्टाग्राम खाते का एक्सेस भी मिला हुआ था. दोनों के बीच किसी वजह से बाद में विवाद हुआ. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बाद अमन के खिलाफ शिकायत पुलिस तक पहुंची. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अमन की इंस्टाग्राम आईडी से मिताली और उसकी बहन को धमकी भरे मैसेज भेजे गए हैं.
क्या है मामला?
शिकायत के बाद अमन ने अपने इंस्टाग्राम खाते की जांच की. इस दौरान उसे खाते से जुड़ा एक ऐसा ईमेल मिला, जो उसका नहीं था. उसने खाते को दोबारा अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की तो ओटीपी भी उसी ईमेल पर भेजा जा रहा था. इससे उसे खाते में किसी दूसरे व्यक्ति की पहुंच होने का शक हुआ. इसके बाद अमन ने अपने इंस्टाग्राम खाते की लॉगिन गतिविधियों को खंगाला. इसमें मिताली के नाम से जुड़े ईमेल से उसके इंस्टाग्राम खाते में पहले लॉगिन किए जाने की जानकारी सामने आई. अमन ने पुलिस को बताया कि मिताली के पास पहले से उसके खाते का एक्सेस था, इसलिए उसे आशंका है कि उसी ने उसकी आईडी का इस्तेमाल कर धमकी भरे मैसेज भेजे.
युवती के खिलाफ केस दर्ज
अमन ने मामले की जानकारी एसएसपी अनुराग आर्य को दी. उसने पुलिस से इंस्टाग्राम खाते की लॉगिन हिस्ट्री, आईपी एड्रेस, आईएमईआई नंबर, पोर्ट नंबर और खाते से जुड़ी अन्य तकनीकी जानकारी की जांच कराने की मांग की. अमन का कहना है कि यदि उसके खाते का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति ने किया है तो तकनीकी जांच से इसकी जानकारी सामने आ सकती है. एसएसपी के आदेश के बाद सीबीगंज पुलिस ने मिताली गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इंस्टाग्राम खाते की लॉगिन हिस्ट्री, उससे जुड़े ईमेल और अन्य साइबर साक्ष्यों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित धमकी भरे मैसेज और एआई से तैयार फोटो आखिर किस डिवाइस और किस लॉगिन से भेजे गए थे. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की हकीकत सामने आएगी.