UP Crime: बेटे के लिए छोड़ी फौज, दिन-रात मेहनत कर बनाया काबिल, उसी ने बुढ़ापे में दी इतनी खौफनाक सजा; फिर बंद कमरे में तड़पता छोड़ा!

UP Crime: बेटे के लिए छोड़ी फौज, दिन-रात मेहनत कर बनाया काबिल, उसी ने बुढ़ापे में दी इतनी खौफनाक सजा; फिर बंद कमरे में तड़पता छोड़ा!
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Mainpuri Son Brutally Assault Old Age Father Broke Leg Bone: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से एक बेहद दिल दहला देने वाला और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी बेटे ने ममता और इंसानियत को तार-तार कर दिया. मैनपुरी के खर्परी मोहल्ले में रहने वाले 80 साल के बुजुर्ग वीरेंद्र सिंह ने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस बेटे के जन्म पर उन्होंने खुशियां बांटी थीं, वही बेटा उनके बुढ़ापे का सहारा बनने के बजाय उनके लिए काल बन जाएगा. पत्नी के निधन के बाद वीरेंद्र सिंह ने अपनी आर्मी की नौकरी और फिर अमीन की नौकरी छोड़कर अपने इकलौते बेटे राजपाल सिंह को पढ़ाया-लिखाया और काबिल बनाया. लेकिन जैसे ही बेटा बड़ा हुआ, उसने पहले तो पिता की सारी जमा-पूंजी हड़प ली और दबाव डालकर उनका मकान भी अपने नाम करवा लिया. जब बूढ़े पिता उसे बोझ लगने लगे, तो उस हैवान बेटे ने सारी हदें पार करते हुए पिछले हफ्ते उनकी जांघ की हड्डी तोड़ दी और उन्हें एक बंद कमरे में बिना पंखे के तड़पने के लिए छोड़ दिया. गनीमत यह रही कि अचानक पिता का हाल जानने नोएडा से मैनपुरी पहुंची बेटी ने घर पर दस्तक दे दी. उन्हें नोएडा के जिला अस्पताल ले आए और दरिंदे बेटे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.

फौज की नौकरी छोड़ी, पाला-पोसकर जिसे बनाया काबिल

वीरेंद्र सिंह की जिंदगी अपने बेटे राजपाल के इर्द-गिर्द ही घूमती थी. पत्नी के गुजर जाने के बाद उन्होंने अपनी सरकारी नौकरियां तक छोड़ दीं ताकि वे अपने बेटे को अच्छे संस्कार दे सकें और उसे पैरों पर खड़ा कर सकें. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बेटे की परवरिश में झोंक दी, यह सोचकर कि बुढ़ापे में यही बेटा उनकी लाठी बनेगा. लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यह लाडला ही उनके जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन बन जाएगा.

जायदाद हड़पने के बाद शुरू हुआ जुल्म का खेल

लालची बेटे राजपाल की नीयत शुरू से ही खराब हो गई थी. उसने पहले तो पिता की गाढ़ी कमाई के सारे पैसे खत्म कर दिए और फिर डरा-धमकाकर उनका मकान भी अपने पोते (यानी अपने ही बेटे) के नाम ट्रांसफर करवा लिया. जायदाद मिलते ही बेटे और पोते का असली चेहरा सामने आ गया. उन्होंने बुजुर्ग पिता को घर में बोझ समझना शुरू कर दिया और उनके साथ मानसिक व शारीरिक टॉर्चर का खेल शुरू कर दिया.

जांघ की हड्डी तोड़ी और कमरे में किया कैद

जुल्म की इंतहा तब हो गई जब कलयुगी बेटे ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने 80 साल के बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उनकी बाईं जांघ की हड्डी टूट गई. इसके बाद उसने तड़पते हुए बूढ़े पिता को एक बंद कमरे में कैद कर दिया, जहां न तो हवा थी और न ही पंखा. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जब बेटी और पोता 6 सितंबर को वहां पहुंचे, तो दादाजी को इस नर्क जैसी हालत में देखकर उनके होश उड़ गए.

नोएडा अस्पताल में इलाज और सख्त कार्रवाई की मांग

पोते अभिषेक ने बताया कि दादाजी की हड्डी गिरने से नहीं, बल्कि किसी भारी चीज के प्रहार से तोड़ी गई है. मैनपुरी के डॉक्टरों के हाथ खड़े करने के बाद वे उन्हें 7 सितंबर को नोएडा ले आए, जहां सेक्टर-39 के जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. उम्र ज्यादा होने की वजह से डॉक्टर सर्जरी से बच रहे हैं, और परिवार अब उन्हें दिल्ली के एम्स या किसी बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने की कोशिश कर रहा है. साथ ही, परिवार ने पुलिस से मांग की है कि इस हैवान बेटे राजपाल को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए.

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