
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। उत्तर निघासन वन रेंज बेलरायां के वन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने गुरुवार रात करीब खैरीगढ़ मार्ग पर धरती के फूल से लदी एक पिकअप को पकड़ लिया। टीम को देखते ही चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पिकअप से ढाई बोरा धरती का फूल बरामद हुआ है। वन विभाग ने एच2 के तहत केस दर्ज कर वाहन को कब्जे में लिया है। रेंजर की ताबड़तोड़ कार्रवाई से वन माफियाओं और वन्यजीवों के आहार की तस्करी करने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
वन क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग पिकअप से वन्यजीवों का आहार कटरुआ व धरती का फूल दुधवा जंगल से अवैध तरीके से लाकर और उसे प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर बिक्री करते हैं। साथ ही वेशकीमती साखू और सागौन की लकड़ी की भी तस्करी की जा रही है। सूचना पर उन्होंने मुखबिरों का जाल बिछाया और टीम गठित की। गुरुवार की रात मुखबिर की सूचना पर टीम ने खैरीगढ़ तिराहे के पास घेराबंदी की। चालक टीम को देख वाहन को मौके पर छोड़कर भाग निकला। टीम ने जब तिरपाल खोलकर देखा तो उसमें ढाई बोरा धरती का फूल बरामद हुआ। टीम वाहन को कब्जे में लेकर बेलरायां वन रेंज कार्यालय लाई। बरामद पिकअप बेलरायां के ही एक युवक की बताई जा रही है। बताते हैं कि यह युवक बेशकीमती साखू और सागौन की लकड़ी के गुटके बनाकर दूसरे जिलों को भी सप्लाई करता है। बताया जाता है कि बरामद फूल को दूसरे जिलों में बिक्री करने के लिए ले जाया जा रहा था। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि चेसिस नंबर आदि के सहयोग से वाहन स्वामी और उसके चालक का पता लगाया जा रहा है। आरोपी चालक और पिकअप के खिलाफ एच2 के तहत केस दर्ज किया गया है। फरार चालक की तलाश के साथ ही वाहन के स्वामित्व, परिवहन की वैधता और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय वन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। रेंजर की लगातार कार्रवाई से वन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है एच2 कार्रवाई
एच2 केस वन विभाग में वन भूमि पर अतिक्रमण वन अपराधों से संबंदित एक केस डायरी होती है। यह मामला तब दर्ज होता है जब किसी संरक्षित या आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से कब्जा किया जाता है, सड़क बनाई जाती है, बिना अनुमति के पेड़ काटे जाते हैं या वन संपदा की तस्करी की जाती है। ऐसे मामलों में वन विभाग भारतीय वन अधिनियम की धारा 33 के तहत एच2 केस दर्ज करता है।
वन्यजीवों का मुख्य आहार है धरती फूल व कटरुआ
धरती का फूल व कटरुआ वन्य जीवों का मुख्य आहार है। चीतल, पाढ़ा, बारह सिंघा आदि वन्यजीव इसे बड़े ही चाव से खाते हैं। यह बरसात के दिनों में ही मिट्टी की बांबियों में निकलता है। वन विभाग ने इसके खदान और परिवहन पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी वन्य जीव आहार की तस्करी करते हैं। वर्तमान समय में यह धरती का फूल 1700 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है।