
बरेली, अमृत विचार। कलेक्ट्रेट गेट पर गुरुवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब थाना मीरगंज क्षेत्र से पहुंचे दंपती और उनके परिवार के लोगों ने पेट्रोल उड़ेल लिया। रास्ते के विवाद से परेशान होकर आत्मदाह की कोशिश कर रहे परिवार के सदस्यों को वहां तैनात पुलिस व इंटेलीजेंस के कर्मचारियों ने तुरंत जकड़ लिया और उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। जवानों की सक्रियता से अनहोनी टल गई। पूरे परिवार को अस्पताल भेजा गया, जहां सबकी हालत सामान्य पाई गई।अफसरों ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, परिवार मीरगंज क्षेत्र के गांव खमरिया का रहने वाला है। आत्मदाह की कोशिश करने वाले घर के मुखिया लाल सिंह ने बताया कि पड़ोस में दबंग होमगार्ड का परिवार रहता है। वे उनके परिवार का रास्ता रोक रहे हैं। रोज रास्ते में पशु बांध देते हैं। लकड़ियां रख देते हैं। शिकायतों के बावजूद थानाचौकी स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। परेशान होकर आज पूरे परिवार के साथ आत्मदाह के इरादे से कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे थे मगर पुलिस के जवानों ने रोक लिया।
पुलिसकर्मियों की सतर्कता से बची जान
जिस समय यह घटना हुई, जिलाधिकारी अवनिश सिंह अपने स्काड के साथ वहां से निकल रहे थे। मौका देखकर लाल सिंह ने थैले से पेट्रोल से भरी बोतल निकाली और अपने अलावा साथ मौजूद पत्नी, बेटी व अन्य सदस्यों पर उड़ेलने लगा। कलक्ट्रेट गेट पर ड्यूटी दे रहे इंटेलिजेंस सब इंस्पेक्टर ओपी सिंह और अमित कुमार ने तुरंत ही दौड़ लगाकर परिवार को आत्मघाती कदम उठाने से रोक दिया। पुलिसकर्मियों के साथ होमगार्ड ड्यूटी इंचार्ज संदीप शर्मा, होमगार्ड राजपाल सिंह और मीरा परिवार को समझाकर दूसरी ओर ले गए। पुलिस ने बाद में लाल सिंह, उसकी पत्नी राजरानी,मां विश्वेश्वररी देवी, आठ साल की बेटी नंदनी और भाई प्रेमप्रकाश को अस्पताल भेज दिया। जहां हैल्थ जांच में सब नार्मल हालत में मिले।
पड़ासी से रास्ते के विवाद काे लेकर लाल सिंह आहत था, जिसकी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया। मई 2026 में दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। मीरगंज थाना और कोतवाली पुलिस पूरे मामले में समन्वय बनाकर जांच कर रही है। सभी बिंदुओं की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। आशुतोष शिवम,सीओ प्रथम।