बकरी खोजते-खोजते गन्ने के खेत में पहुंचा पशुपालक, जमीन में दिखे दो ‘कब्र’ जैसे गड्ढे… 6 फीट खोदा तो मचा हड़कंप!

बकरी खोजते-खोजते गन्ने के खेत में पहुंचा पशुपालक, जमीन में दिखे दो ‘कब्र’ जैसे गड्ढे… 6 फीट खोदा तो मचा हड़कंप!
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लखनऊ: गोसाईगंज क्षेत्र के गणेशपुर कैथौली गांव में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गन्ने के खेत में दो कब्रनुमा गड्ढे दिखाई देने की खबर पूरे गांव में फैल गई। बकरी की तलाश में खेत में पहुंचे एक पशुपालक की नजर जब इन गड्ढों पर पड़ी तो वह घबरा गया। उसने तत्काल ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह और गोसाईगंज थानाध्यक्ष अखंडदेव मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मौजूदगी में एक गड्ढे की खुदाई शुरू कराई। करीब छह फीट तक जमीन खोदने के बाद भी वहां कोई संदिग्ध वस्तु या शव नहीं मिला। गड्ढे से सिर्फ लकड़ी की एक छोटी लग्गी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दूसरे गड्ढे की खुदाई नहीं कराई।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में क्षेत्राधिकारी ने आशंका जताई है कि संभवत: किसी जानवर को पकड़ने के लिए गड्ढा खोदा गया होगा। हालांकि गड्ढों का आकार और उनका कब्र जैसा दिखाई देना ही ग्रामीणों में डर की वजह बन गया था।

बकरी खोजने गया था पशुपालक, तभी पड़ी गड्ढों पर नजर

मामला गणेशपुर कैथौली गांव स्थित गन्ने के खेत का है। जानकारी के मुताबिक अजीजपुर गांव के रहने वाले जमाल ने अपना खेत महादेवपुर निवासी बब्लू वर्मा को बटाई पर दे रखा है। बब्लू वर्मा ने खेत में गन्ने की फसल बोई हुई है।

रविवार सुबह गांव के कुछ लोग अपने पशुओं को चराने के लिए गन्ने के खेतों की तरफ गए थे। इसी दौरान एक पशुपालक की बकरी कहीं खो गई। वह बकरी को तलाशते हुए गन्ने के खेत के भीतर चला गया।

खेत के अंदर पहुंचने के बाद अचानक उसकी नजर जमीन में बने दो गड्ढों पर पड़ी। गड्ढों का आकार देखकर उसे वे कब्रनुमा नजर आए। इसके बाद पशुपालक ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। किसी ने इसे पुराना गड्ढा बताया तो किसी ने आशंका जताई कि कहीं जमीन के अंदर कुछ छिपाया तो नहीं गया है। ग्रामीणों की भीड़ खेत की ओर बढ़ने लगी।

करीब 20 फीट की दूरी पर थे दोनों गड्ढे

ग्रामीणों के अनुसार खेत में मिले दोनों गड्ढों के बीच करीब 20 फीट की दूरी थी। वहीं, पूर्व दिशा की मेड़ से इनकी दूरी लगभग 10 फीट बताई गई है।

गन्ने की फसल के बीच इस तरह के दो गड्ढे मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई। ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर गड्ढे किसने और किस उद्देश्य से खोदे थे।

मामला संवेदनशील मानते हुए पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से भी जानकारी ली।

पुलिस ने शुरू कराई गड्ढे की खुदाई

मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष अखंडदेव मिश्रा ने ग्रामीणों की मौजूदगी में एक गड्ढे की खुदाई कराने का फैसला किया। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से गड्ढे को खोदना शुरू किया गया।

जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ी, वहां मौजूद लोगों की नजर जमीन के अंदर पर टिकी रही। करीब छह फीट तक खुदाई की गई, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे किसी गंभीर आपराधिक घटना की पुष्टि होती।

पुलिस को गड्ढे से केवल लकड़ी की एक छोटी लग्गी मिली। कोई शव, कपड़ा, हड्डी या अन्य संदिग्ध वस्तु मिलने की बात सामने नहीं आई।

छह फीट तक खुदाई के बाद जब कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली तो मौके पर मौजूद लोगों की आशंका कुछ कम हुई। पुलिस ने फिलहाल दूसरे गड्ढे की खुदाई नहीं कराई।

दूसरे गड्ढे की खुदाई क्यों नहीं हुई?

एक गड्ढे की छह फीट तक खुदाई के बाद जब वहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली तो पुलिस ने तत्काल दूसरे गड्ढे को खोदने की जरूरत नहीं समझी। हालांकि दोनों गड्ढों की मौजूदगी को लेकर जांच जारी है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये गड्ढे कब और किसने खोदे थे। क्या इन्हें किसी जानवर को पकड़ने के लिए बनाया गया था या इनके पीछे कोई दूसरा कारण था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे बिना पुष्टि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। क्योंकि गड्ढे मिलने के बाद गांव में अचानक तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

गड्ढे के पास मिले शराब के खाली पाउच

ग्रामीण हरिशंकर ने पुलिस को बताया कि गड्ढों के आसपास देशी शराब के खाली पाउच भी पड़े मिले थे। इस जानकारी के बाद मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा और बढ़ गई।

हालांकि शराब के खाली पाउच मिलने से यह साबित नहीं होता कि गड्ढे किसी अपराध के लिए खोदे गए थे। पुलिस ने भी अभी इस संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।

यह भी संभव है कि खेत में आने वाले किसी व्यक्ति ने वहां शराब पी हो और पाउच वहीं फेंक दिए हों। पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

पुलिस की शुरुआती आशंका क्या है?

क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह के अनुसार, शुरुआती तौर पर आशंका है कि गड्ढा किसी जानवर को पकड़ने के लिए खोदा गया होगा। गन्ने के खेतों में कई बार जंगली जानवरों या दूसरे पशुओं से फसल को नुकसान पहुंचने की समस्या सामने आती है। ऐसे में ग्रामीण या खेत मालिक उन्हें पकड़ने के लिए गड्ढा खोद सकते हैं।

हालांकि पुलिस ने इसे अभी केवल प्रारंभिक अंदेशा बताया है। गड्ढों की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि करीब छह फीट तक खोदाई करने के बावजूद पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसलिए फिलहाल किसी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों में क्यों फैल गई थी दहशत?

गन्ने के घने खेत में एक साथ दो कब्रनुमा गड्ढे दिखाई देना अपने आप में लोगों के लिए डराने वाला था। खासतौर पर जब गड्ढे खेत के अंदर थे और उनके बारे में किसी ग्रामीण को पहले से जानकारी नहीं थी।

बकरी की तलाश में पहुंचे व्यक्ति ने जब पहली बार इन्हें देखा तो उसे भी समझ नहीं आया कि ये गड्ढे किस उद्देश्य से बनाए गए हैं। उसने आसपास के लोगों को बताया और फिर सूचना तेजी से पूरे गांव में फैल गई।

ग्रामीणों की भीड़ जमा होने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। पुलिस की मौजूदगी में खुदाई होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सका कि कम से कम जिस गड्ढे की जांच की गई, उसके अंदर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं थी।

अब पुलिस किन बिंदुओं पर जांच करेगी?

पुलिस के सामने अब मुख्य सवाल यह है कि दोनों गड्ढे किसने खोदे और कब खोदे गए। इसके अलावा यह भी देखा जा सकता है कि खेत में किसी जानवर के आने-जाने या उसे पकड़ने के संकेत मौजूद हैं या नहीं।

पुलिस आसपास के ग्रामीणों और खेत से जुड़े लोगों से भी जानकारी ले सकती है। यदि किसी व्यक्ति ने पहले इन गड्ढों को खोदते हुए देखा है तो उससे भी पूछताछ की जा सकती है।

फिलहाल किसी व्यक्ति पर गड्ढे खोदने का आरोप नहीं लगाया गया है और न ही किसी आपराधिक घटना की पुष्टि हुई है।

जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचने की अपील

इस तरह के मामलों में सबसे बड़ा खतरा अफवाहों का होता है। गन्ने के खेत में कब्रनुमा गड्ढे मिलने की खबर सामने आते ही ग्रामीणों के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई थीं। लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में कोई शव या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

ऐसे में बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या समूह पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों गड्ढे क्यों बनाए गए थे।

फिलहाल छह फीट तक खोदाई के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु न मिलने से ग्रामीणों को राहत मिली है , लेकिन दो गड्ढों की मौजूदगी का रहस्य अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस जांच के बाद ही पता चलेगा कि खेत में दिखाई दिए ये कब्रनुमा गड्ढे महज किसी जानवर को पकड़ने की कोशिश का हिस्सा थे या इनके पीछे कोई और वजह थी।

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