Budaun News : जिले के 1799 परिषदीय स्कूलों को निपुण बनाने का मिला लक्ष्य

Budaun News : जिले के 1799 परिषदीय स्कूलों को निपुण बनाने का मिला लक्ष्य
Budaun News : जिले के 1799 परिषदीय स्कूलों को निपुण बनाने का मिला लक्ष्य

बदायूं, अमृत विचार। जिले में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया गया है। बाल वाटिका से कक्षा तीन तक के बच्चों को पढ़नेलिखने और गणित में दक्ष बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रणनीति लागू की है। इस बार कमजोर परिणामों से सबक लेते हुए स्कूलों की नियमित निगरानी और जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है।

गत वर्ष के शैक्षिक सत्र में निपुण लक्ष्य के तहत परिषदीय स्कूलों का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा। महज 22 फीसदी स्कूलों के बच्चे ही मानकों पर खरे उतर सके थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार जमीनी स्तर पर सुधार के लिए एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटरों को सीधे स्कूलों से जोड़ा गया है। जिले के 1502 प्राथमिक और 297 कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को निपुण बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। बाल वाटिका स्तर पर बच्चों को अक्षर पहचान, सरल शब्दों की समझ और गणित में आकृतियों की पहचान व 10 तक की गिनती सिखाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कक्षा एक के बच्चों को छोटे वाक्य पढ़ने और 99 तक की संख्याएं लिखनेपढ़ने में सक्षम बनाया जा रहा है। वहीं कक्षा दो के विद्यार्थियों को 45 से 60 शब्द प्रति मिनट की गति से पढ़ने, समझने और सवालों के जवाब देने की ट्रेनिंग दी जा रही है। गणित में जोड़घटाव और पहाड़ों के जरिए गुणा की समझ विकसित कराई जा रही है। कक्षा तीन के छात्रों को धाराप्रवाह पढ़ने, अपने विचार लिखने और गणित के बुनियादी सवाल जैसे जोड़, घटाव, गुणा और भाग हल करने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अगली कक्षाओं के लिए मजबूत आधार बना सकें। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। एआरपी को हर महीने 30 स्कूलों, एसआरजी को 20 और डायट मेंटर को 10 विद्यालयों में जाकर शैक्षणिक सहयोग और मूल्यांकन करना होगा।

इस बार निपुण लक्ष्य को हर हाल में हासिल करने पर फोकस किया जा रहा है। शिक्षकों के साथ शैक्षणिक टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में स्टाफ की कमी है, वहां जल्द ही तैनाती कर व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। नवीन कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *