
पेट में दर्द, अपच या भारीपन होना अक्सर आम बात लगती है, लेकिन जब ये समस्याएं लगातार बनी रहें तो इन्हें नजरअंदाज करना सेहत पर भारी पड़ सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और ऑन्कोलोजिस्ट्स के अनुसार, पेट के कैंसर (Stomach Cancer) की शुरुआत में बेहद सामान्य लक्षण दिखते है, जिन्हें लोग अक्सर गैस्ट्रिक समस्या समझकर टाल देते हैं। लेकिन समय रहते इन संकेतों की पहचान करना इसके सफल इलाज के लिए बेहद जरूरी है।
मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. विनय गायकवाड़ के अनुसार, पेट से जुड़ी कुछ समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है। खासतौर पर अगर कोई परेशानी बार-बार हो रही हो, बढ़ रही हो या इसके साथ वजन कम होना, भूख कम लगती है और लगातार कमजोरी महसूस हो तो बॉडी में दिखने वाले इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करें। आइए डॉक्टर से समझते हैं पेट का कैंसर क्या है और इसके बॉडी में कौन-कौन से 5 शुरुआती लक्षण दिखते है जिन्हें वक्त पर पहचानना बेहद जरूरी है। Also ReadClove Water Benefits: पाचन के लिए लौंग के पानी का सेवन कैसे करता है असर, डॉक्टर से जानिए फायदे और तरीका
पेट का कैंसर क्या है?
पेट का कैंसर, जिसे मेडिकल भाषा में गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Cancer) कहा जाता है। पेट के इस कैंसर में पेट की लाइनिंग की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और एक ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है, इसलिए शुरुआती चरण में इसे पहचानना मुश्किल होती है। इस कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (एच. पाइलोरी) संक्रमण शामिल है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।
यह एक प्रकार का बैक्टीरिया यानी जीवाणु है, जो पेट की अंदरूनी परत में संक्रमण पैदा कर सकता है। लंबे समय तक यह संक्रमण रहने पर पेट में क्रॉनिक गैस्ट्राइटिस यानी लंबे समय तक रहने वाली सूजन हो सकती है। इससे पेट की कोशिकाओं में बदलाव आ सकते हैं और समय के साथ पेट के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। Also Readतांबे और पीतल में स्टोर करें ‘स्वर्ण जल’: आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानिए पानी में सोने का सिक्का उबालकर पीने के फायदे और सही तरीका
पेट के कैंसर के कौन कौन से लक्षण है?
बार-बार अपच, एसिडिटी या पेट फूलना
बार-बार अपच, सीने में जलन, डकार आना या खाना खाने के बाद पेट बहुत भरा हुआ महसूस होना अक्सर पाचन संबंधी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है और सामान्य उपायों से ठीक नहीं हो रही, तो इसे नजरअंदाज न करें। पेट के कैंसर में भी इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
थोड़ा खाने पर ही पेट भर जाना
अगर पहले की तुलना में कम खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगे या खाने की इच्छा कम हो जाए, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है। जल्दी पेट भरने की समस्या पेट के कैंसर में दिखाई देने वाले संभावित लक्षणों में शामिल हो सकती है।
लगातार मतली या उल्टी होना
कभी-कभार मतली या उल्टी होना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, खासकर खाना खाने के बाद लगातार मतली या उल्टी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। पेट के कैंसर में भी मतली और उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
बिना कारण वजन कम होना
अगर डाइट या एक्सरसाइज में कोई बदलाव किए बिना वजन तेजी से कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। बिना किसी स्पष्ट कारण वजन कम होना पेट के कैंसर समेत कई अन्य बीमारियों में भी देखा जा सकता है। इसलिए इसके कारण की डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
लगातार थकान या ब्लीडिंग के संकेत
लगातार थकान, कमजोरी या शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में पेट से रक्तस्राव होने पर शरीर में खून की कमी हो सकती है, जिससे थकान महसूस होती है। उल्टी में खून आना या मल का रंग सामान्य से ज्यादा काला होना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत चिकित्सीय सलाह लेना जरूरी है।
इस कैंसर के खतरे को कैसे कम करें
पेट के कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori) संक्रमण की समय पर जांच और इलाज महत्वपूर्ण हो सकता है। लंबे समय तक रहने वाला यह संक्रमण पेट में सूजन और कोशिकाओं में बदलाव का कारण बन सकता है। अगर संक्रमण की पहचान होने पर उचित उपचार किया जाए, तो पेट के कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल H. pylori का इलाज करने से हर मामले में कैंसर को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं होती।