ज्यादा नमक बना रहा है आपके शरीर को गुब्बारा? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेंधा नमक खाने की दी सलाह, ऐसे रोज़ खाएं मिलेंगे फायदे!

ज्यादा नमक बना रहा है आपके शरीर को गुब्बारा? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेंधा नमक खाने की दी सलाह, ऐसे रोज़ खाएं मिलेंगे फायदे!
ज्यादा नमक बना रहा है आपके शरीर को गुब्बारा? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने सेंधा नमक खाने की दी सलाह, ऐसे रोज़ खाएं मिलेंगे फायदे!

Health Benefits & How to Use It Daily: क्या शाम होते-होते आपकी उंगलियों में अंगूठी टाइट होने लगती है, या सुबह उठते ही चेहरा और पेट फूला हुआ महसूस होता है? अगर हां, तो हो सकता है कि आपकी डाइट में मौजूद ‘सफेद नमक’ आपके शरीर को अंदर से गुब्बारे की तरह फुला रहा हो! दरअसल, ज्यादा सोडियम युक्त सामान्य नमक शरीर में पानी को रोककर रखता है, जिसे मेडिकल भाषा में वॉटर रिटेंशन (Water Retention) या ओडिमा कहा जाता है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि आप नमक खाना पूरी तरह छोड़ दें? बिल्कुल नहीं!

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप साधारण रिफाइंड नमक की जगह सेंधा नमक (Rock Salt) को सही तरीके और संतुलित मात्रा में अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाते हैं, तो न केवल ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिल सकती है, बल्कि पाचन और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी ने कहा अगर आप रोजाना सेंधा नमक का सेवन करेंगे तो आपकी बॉडी में वाटर रिटेंशन की समस्या कंट्रोल रहेगी और आपकी बॉडी फूली हुई नहीं लगेगी और आप हल्का महसूस करेंगे। आइए जानते हैं सेंधा नमक इस्तेमाल करने की सही विधि और इससे मिलने वाले अद्भुत फायदे। Also Readपेट के कैंसर के ये 5 लक्षण न करें नजरअंदाज; शुरुआत में मामूली लगते हैं, लेकिन समय रहते पहचानना जरूरी

सेंधा नमक और आयोडीन युक्त सफेद नमक में अंतर

सेंधा नमक नेचुरल तरीके से पाए जाने वाले नमक का एक प्रकार है जिसे रॉक साल्ट कहा जाता है। जबकि सामान्य टेबल साल्ट को आमतौर पर प्रोसेस किया जाता है। सफेद नमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है, जिसे प्रोसेस और शुद्ध करने के बाद उसमें आयोडीन मिलाया जाता है। दोनों का मुख्य घटक सोडियम क्लोराइड ही है, इसलिए दोनों का अधिक सेवन शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा सकता है। सेंधा नमक का रंग हल्का गुलाबी, सफेद या पारदर्शी हो सकता है और इसमें कुछ खनिज तत्व बहुत कम मात्रा में मौजूद रहते हैं। आयोडीन युक्त नमक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को आयोडीन उपलब्ध कराने में मदद करता है। आयोडीन थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी पोषक तत्व है और इसकी कमी से घेंघा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और आयोडीन की कमी के जोखिम वाले लोगों के लिए पर्याप्त आयोडीन का सेवन जरूरी है। Also Readमुंह का कैंसर होने पर शुरुआत में दिख सकते हैं ये लक्षण, कैंसर विशेषज्ञ ने कहा नजरअंदाज न करें

सेंधा नमक कैसे वजन करता है कंट्रोल

आयुर्वेद के अनुसार, नमक का अधिक सेवन शरीर में जल के असंतुलन को बढ़ा सकता है, जिससे शरीर में पानी रुकने यानी वॉटर रिटेंशन की समस्या हो सकती है। इससे शरीर में सूजन और वजन अस्थायी रूप से बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है। इसलिए वजन को कंट्रोल रखने के लिए सेंधा नमक हो या सफेद नमक, दोनों का सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है। अक्सर हम लोग दिन में चिप्स,कुरकुरे और दूसरे नमकीन हेल्दी मानकर खाते रहते हैं जिनमें भरपूर नमक होता है जो हमारी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। अगर आप बॉडी को एक्टिव रखें, संतुलित डाइट का सेवन करें और पानी का पर्याप्त सेवन करें और साथ ही नमक का सेवन भी कंट्रोल करें तो आसानी से वजन को कम कर सकते हैं।

सेंधा नमक का सेवन कैसे पाचन को पहुंचाता है फायदा?

आयुर्वेद में सेंधा नमक को पाचन और अग्नि को प्रभावित करने वाला माना गया है। जब पाचन ठीक रहता है और भोजन का उचित पाचन होता है, तो शरीर में आम यानी अपचित पदार्थ के जमा होने की संभावना कम मानी जाती है। सेंधा नमक को दीपन-पाचन गुणों वाला बताया गया है, इसलिए उचित मात्रा में इसका इस्तेमाल पाचन और भोजन में रुचि को बेहतर करने में मदद करता है। सेंधा नमक का सेवन पाचन अग्नि को बढ़ाने वाला और भोजन में रुचि बढ़ाने वाला माना गया है। इसका इस्तेमाल भूख और पाचन से जुड़ी समस्याओं में असरदार साबित होता है।

आंखों और दिल के लिए भी है असरदार

आयुर्वेद के मुताबिक सेंधा नमक का सेवन आंखों से लेकर दिल तक की सेहत में सुधार करता है। आयुर्वेद में इसे जलन कम करने, वात, पित्त तथा कफ यानी तीनों दोषों को संतुलित करने वाला बताया गया है।

क्या रोजाना सेंधा नमक इस्तेमाल कर सकते हैं?

सेंधा नमक भी मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड ही है। इसलिए इसे सामान्य नमक की तरह ही सीमित मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं। WHO के मुताबिक केवल नमक का प्रकार बदलने से ज्यादा सोडियम खाने से होने वाले जोखिम खत्म नहीं हो जाते। WHO वयस्कों के लिए कुल नमक का सेवन प्रतिदिन 5 ग्राम से कम रखने की सलाह देता है।

क्या हाई बीपी में सेंधा नमक बेहतर है?

सेंधा नमक भी सोडियम वाला नमक है, इसलिए हाई बीपी वाले लोग भी इस नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें। ऐसे लोगों को डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार कुल नमक और सोडियम का सेवन कंट्रोल करना जरूरी है।

किन लोगों को नमक की मात्रा पर खास खास ध्यान देना चाहिए?

कुछ हेल्थ कंडीशन में नमक का सेवन डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही करना चाहिए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।  हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, हृदय रोग या शरीर में बार-बार सूजन जैसी समस्या वाले लोगों को नमक की मात्रा को लेकर खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मामलों में सेंधा नमक को सामान्य नमक से बेहतर समझकर ज्यादा मात्रा में लेना उचित नहीं है। व्यक्ति की बीमारी और दवाओं के अनुसार डॉक्टर अलग-अलग मात्रा की सलाह दे सकते हैं। सेंधा नमक को भोजन में स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे ‘हेल्दी नमक’ समझकर ज्यादा मात्रा में खाना सही नहीं है।

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