प्लास्टिक के नोट लाने की तैयारी तेज, RBI ने बढ़ाया अगला कदम! क्या बदलेगी पेपर करेंसी?

प्लास्टिक के नोट लाने की तैयारी तेज, RBI ने बढ़ाया अगला कदम! क्या बदलेगी पेपर करेंसी?

भारत में प्लास्टिक करेंसी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. भारतीय रिजर्व बैंक प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट लाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा चुका है. RBI की नोट छापने वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड ने दुनिया भर की कंपनियों से आवेदन मांगे हैं. इन कंपनियों को ऐसे पॉलीमर शीट बनाने होंगे, जिनमें पहले से ही मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स मौजूद हों. इन्हीं शीट पर भविष्य में भारतीय नोट छापे जा सकते हैं.

प्लास्टिक के नोट लाने की तैयारी तेज, RBI ने बढ़ाया अगला कदम! क्या बदलेगी पेपर करेंसी?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर यह योजना लागू होती है तो भारत पहली बार कागज की जगह प्लास्टिक के नोट इस्तेमाल करेगा. हालांकि, अभी RBI ने यह साफ नहीं किया है कि सबसे पहले कौनसे नोट प्लास्टिक में आएंगे और इन्हें बाजार में कब तक जारी किया जाएगा.

सुरक्षा पर सबसे ज्यादा जोर

RBI ने इस टेंडर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम भी रखे हैं. आवेदन करने वाली कंपनियों को भारत सरकार से सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी. साथ ही उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भारत के लिए बनने वाले नोटों की सामग्री चीन या पाकिस्तान से न आए. इसके अलावा भारत के लिए तैयार की गई यह खास सामग्री किसी तीसरे देश को भी नहीं बेची जा सकेगी. इतना ही नहीं, केवल वही कंपनियां आवेदन कर सकेंगी, जिन्होंने पिछले कम से कम तीन वर्षों से किसी देश के केंद्रीय बैंक या नोट छापने वाली एजेंसी को पॉलीमर नोटों की सामग्री की सप्लाई की हो.

पहले होगा ट्रायल

RBI पहले इन पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल करेगा. शुरुआती चरण में करीब 68,000 रीम पॉलीमर शीट की जरूरत बताई गई है. इनमें दो अलगअलग मूल्यवर्ग के नोट छापे जा सकते हैं. अगर ट्रायल सफल रहता है तो बाद में बड़े स्तर पर खरीदारी की जाएगी. यह टेंडर ऐसे समय आया है, जब RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 जून को मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद कहा था कि पॉलीमर नोट लाने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने कहा था कि RBI इस योजना के फायदे और नुकसान का अध्ययन कर रहा है. फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में है.

प्लास्टिक नोट क्यों बेहतर माने जाते हैं?

पॉलीमर नोट साधारण कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत होते हैं. ये जल्दी फटते नहीं हैं, पानी और गंदगी से कम खराब होते हैं और लंबे समय तक चलते हैं. यही वजह है कि इन्हें बारबार बदलने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा इन पर आधुनिक सुरक्षा फीचर्स लगाना आसान होता है, जिससे नकली नोट बनाना भी मुश्किल हो जाता है. दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन में पहले से ही पॉलीमर नोटों का इस्तेमाल हो रहा है.

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