‘BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन…’, Sonam Wangchuk को अस्पताल ले जाए जाने पर सियासत तेज, डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

‘BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन…’, Sonam Wangchuk को अस्पताल ले जाए जाने पर सियासत तेज, डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
‘BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन…’, Sonam Wangchuk को अस्पताल ले जाए जाने पर सियासत तेज, डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ/डिजिटल डेस्क नई दिल्ली में जंतरमंतर पर 21 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जबकि अन्य राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

डिंपल यादव ने एक्स पर क्या लिखा?

डिंपल यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि “जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।”

यह प्रतिक्रिया सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना के बाद सामने आई।

https://twitter.com/dimpleyadav/status/2078317896145707352?s=20

जंतरमंतर से अस्पताल ले गई पुलिस

शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस, जंतरमंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। इस दौरान वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।

पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों और समर्थकों की ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया।

अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि सुबह पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरन वहां से हटाया और उनके साथ भी मारपीट की गई।

ये आरोप संबंधित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

21 दिनों से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे अनशन के चलते उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और उनका करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए थे स्वास्थ्य जांच के निर्देश

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि सोनम वांगचुक का प्रतिदिन मेडिकल परीक्षण कराया जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी क्रम में शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

घटना के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

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