Smriti Mandhana Birthday: 9 की उम्र में डेब्यू से WPL Champion बनने तक, जानें स्मृति मंधाना का सुनहरा सफर

Smriti Mandhana Birthday: 9 की उम्र में डेब्यू से WPL Champion बनने तक, जानें स्मृति मंधाना का सुनहरा सफर
भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी स्टार्स में शुमार स्मृति मंधाना आज यानी की 18 जुलाई को अपना 30वां जन्मदिन मना रही हैं। पिछले कुछ सालों में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता काफी बढ़ी है और इसमें मंधाना का अहम योगदान रहा है। निरंतर प्रदर्शन, आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार व्यक्तित्व के दम पर स्मृति मंधाना ने महिला क्रिकेट को घरघर तक पहुंचाया है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर स्मृति मंधाना के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में

जन्म और परिवार

Smriti Mandhana Birthday: 9 की उम्र में डेब्यू से WPL Champion बनने तक, जानें स्मृति मंधाना का सुनहरा सफर
मुंबई में 18 जुलाई 1996 को स्मृति मंधाना का जन्म हुआ था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनका बचपन से जुड़ाव क्रिकेट से था। स्मृति के पिता और भाई दोनों क्रिकेट खेलते थे। स्मृति के पिता को बाएं हाथ के बल्लेबाज पसंद थे। इसलिए स्मृति ने बाएं हाथ की बल्लेबाजी शुरू की। यही आगे जाकर उनका फैसला उनकी पहचान बन गया।

क्रिकेट करियर

स्मृति मंधाना को सिर्फ 9 साल की उम्र में महाराष्ट्र की अंडर15 टीम में जगह मिल गई थी। वहीं 11 साल की उम्र में वह अंडर19 टीम का हिस्सा बन गईं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद 05 अप्रैल 2013 को बांग्लादेश के खिलाफ टी20 इंटरनेशन मुकाबले से भारतीय टीम में डेब्यू किया था।

भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी स्टार

वहीं अपने डेब्यू के बाद से मंधाना लगातार भारतीय महिला टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रही हैं। स्मृति मंदाना ने वनडे, टेस्ट और टी 20 तीनों ही फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ी है। स्मृति ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

कैप्टेनसी की मजबूत दावेदार

स्मृति मंधाना सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं बल्कि एक सफल कप्तान भी हैं। उनकी कैप्टेनसी में RCB ने महिला प्रीमियर लीग में दो खिताब जीते। यही कारण है कि हरमनप्रीत कौर के बाद स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम की पूर्णकालिक कप्तानी की सबसे मजबूत दावेदार माना जाता है।

लंबा है सफर

30 साल की उम्र में स्मृति मंधाना अपने क्रिकेट करियर के सुनहरे दौर में हैं। अभी उनके पास कई साल का क्रिकेट बाकी है। अगर स्मृति का प्रदर्शन इस तरह से जारी रहा तो आने वाले सालों में वह महिला क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं।

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