आजमगढ़: 4 हत्या, कैद में 3 बच्चे और 7 घंटे का ऑपरेशन… कमांडो ने कातिल अरविंद को मार गिराया​

आजमगढ़: 4 हत्या, कैद में 3 बच्चे और 7 घंटे का ऑपरेशन… कमांडो ने कातिल अरविंद को मार गिराया​

Azamgarh News: आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी गांव में करीब 7 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा आखिरकार एनकाउंटर के बाद खत्म हो गया. आरोपी अरविंद सिंह की मुठभेड़ में मौत हो गई है. अरविंद सिंह ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे पूजा के दौरान अपनी पत्नी, बेटा और 2 पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वारदात के बाद तीन बच्चों को लेकर खुद को कमरे में बंद कर लिया था. पुलिसप्रशासन की टीम उसे सरेंडर कराने में लगी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई. SP, ADG सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. चूंकि बच्चों की जान खतरे में थी तो रेस्क्यू के लिए कमांडो को बुलाया गया.

देर रात करीब साढ़े 12 बजे कमांडो मौके पर पहुंचे. फिर दोनों तरफ से गोलियां चलनी शुरू हो गईं. अरविंद भी अपनी रिवॉल्वर से फायरिंग कर रहा था, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई. आइए जानते हैं हत्याकांड और एनकाउंटर का पूरा घटनाक्रम…

घटना अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की है. यहां रहने वाले अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब 6 बजे बाजार से अपने घर पहुंचा था. उस समय घर में उनकी पत्नी बबीता सिंह , मां समला देवी , बेटी परी , बेटा लक्खा और सात महीने की बच्ची मौजूद थी. घर में पटखौली गांव के रहने वाले पंडित महेंद्र पाठक , छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा , उनके बेटे हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित पूजा करा रहे थे.

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बताया जा रहा कि अरविंद की पत्नी बबीता सिंह की ओर से घर में धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अरविंद जब बाजार से घर पहुंचा तो उसने पूजा होते देख पंडितों से सवाल किया. पंडितों ने पूजा कराने की बात बताई. इसके बाद अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया. इसी बात को लेकर उसके और पंडितों के बीच बहस होने लगी.

पत्नी ने विरोध किया तो पहले उसे मारी गोली

पंडितों से बहस के दौरान अरविंद का गुस्सा बढ़ गया. वह कमरे के अंदर गया और अपनी लाइसेंसी राइफल निकालकर ले आया. आरोप है कि उसने सबसे पहले अपनी पत्नी बबीता को गोली मारी. इसके बाद उसने पूजा करा रहे दोनों पंडितों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा पर भी फायरिंग कर दी. गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा होने लगी. लोगों को आता देख अरविंद ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद कर लिया.

3 बच्चों के साथ कमरे में बंद हुआ आरोपी

वारदात की सूचना मिलते ही सबसे पहले अतरौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने पूरे मकान को चारों तरफ से घेर लिया और आरोपी को सरेंडर करने को कहा, लेकिन आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया. घटना की गंभीरता को देखते हुए अतरौला थानाध्यक्ष ने SP डॉ. अनिल कुमार और SP ग्रामीण चिराग जैन को जानकारी दी. दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों के साथ में छह थानों की फोर्स भी थी. दोनों पुलिस अधिकारियों की कोशिश थी कि आरोपी को किसी तरह सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाए और उसके साथ मौजूद तीनों बच्चों को भी सुरक्षित बाहर लाया जा सके, लेकिन अरविंद बच्चों के साथ कमरे के अंदर ही बंद रहा.

11:30 बजे पहुंचे ADG, आधी रात कमांडो ने संभाला मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए देर रात करीब 11:30 बजे वाराणसी जोन के ADG नवीन अरोड़ा भी मौक पर पहुंचे. ADG ने मौके पर स्थिति की जानकारी ली. इसके बाद रात करीब 12:30 पर कमांडो की एक टीम भी पहुंची. कमांडो की टीम ने अरविंद से पहले सरेंडर करने को कहा, लेकिन इस बार उसने फायरिंग करनी शुरू कर दी. अरविंद ने करीब 6 राउंड फायरिंग की. कमांडो टीम ने भी इसका जवाब दिया. करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से गोलियों की आवाज सुनाई देती रही. इस दौरान आऱोपी ने अपने बेटे को भी गोली मार दी.रात करीब एक बजे अरविंद की तरफ से फायरिंग बंद हो गई. इसके बाद कमांडो दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे. देखा तो अरविंद घायल पड़ा था. बेटा भी घायल था. आननफानन में उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया. वहां उसकी मौत हो गई. बेटे की भी मौत हो गई. बाकी दो सुरक्षित हैं. घायल बच्चे का इलाज चल रहा.

पंडित ने बताया 4 दिन से चल रही थी पूजा

पूजा करा रहे एक पंडित ने पुलिस को घटना से जुड़ी अहम जानकारी दी. पंडित के मुताबिक, घर में चार दिन की पूजा रखी गई थी और बुधवार को पूर्णाहुति होनी थी. बताया गया कि अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की आत्मा परेशान कर रही है, ऐसा मानकर उसकी मां और पत्नी बबीता ने पूजापाठ कराने के लिए पंडितों को बुलाया था. पंडित के मुताबिक, अरविंद ने पहले ही पूजा कराने को लेकर नाराजगी जताई थी. अगले दिन घर नहीं आने की चेतावनी दी थी. मंगलवार शाम जब वह घर पहुंचा तो पूजा होते देखकर पंडितों से गालीगलौज करने लगा. इस दौरान पत्नी बबीता ने उसका विरोध किया. इस पर अरविंद ने कहा कि, “तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हो गई”. इसके बाद उसने पत्नी और दोनों पंडितों पर फायरिंग कर दी.

पुलिस बोली पूजा को लेकर था विवाद

SP ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी अरविंद सिंह को घर में पूजापाठ कराए जाने को लेकर आपत्ति थी. इसी बात को लेकर पत्नी से उसका विवाद हुआ. विवाद के बाद उसने आवेश में आकर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी, बेटे और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी. SP ग्रामीण के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी अरविंद अपने बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया था.

घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप

एक ही घर में तीन लोगों की हत्या की खबर फैलते ही शंभूपुर गहजी गांव में हड़कंप मच गया. बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर लोगों को घर से दूर रखा. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी में पूजापाठ को लेकर विवाद की बात सामने आई है, लेकिन घटना की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

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