लखनऊ​ में बैठकर अमेरिकियों से ठगे 100 करोड़! कॉल सेंटर का जाल बिछाया, 16 गिरफ्तार; रात भर चलता था फर्जी सुरक्षा एजेंसी का खेल

लखनऊ​ में बैठकर अमेरिकियों से ठगे 100 करोड़! कॉल सेंटर का जाल बिछाया, 16 गिरफ्तार; रात भर चलता था फर्जी सुरक्षा एजेंसी का खेल
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. शुक्रवार तड़के कपूरथला पुलिस चौकी के पास रिध्या पैलेस में छापेमारी कर कॉल सेंटर से 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें दो संचालक और चार लड़कियां शामिल हैं. गिरोह लखनऊ में बैठकर अमेरिकी नागरिकों से अब तक करीब 100 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है. पकड़े गए 15 आरोपी पश्चिम बंगाल और गुजरात के हैं, जबकि एक लखनऊ का रहने वाला है. पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) अमित आनंद के अनुसार, कॉल सेंटर रात साढ़े आठ बजे से सुबह चार बजे तक अमेरिकी दफ्तरों के समय के हिसाब से चलता था.

कैसे करती थी ठगी?

गिरोह के सदस्य अमेरिका में बैठे लोगों को पॉप-अप मैसेज भेजकर सिस्टम पर वायरस अटैक, हैकिंग या नागरिकता रद्द होने का हवाला देते थे. जब शिकार फोन करता तो कॉल कॉल सेंटर पर आती. रिमोट ऐप से मोबाइल और लैपटॉप का एक्सेस लेकर डेटा चुरा लिया जाता. फिर खुद को यूएस सुरक्षा एजेंसी या फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) का अधिकारी बताकर धमकाया जाता. फर्जी अरेस्ट वारंट व्हाट्सएप पर भेजकर डराने के बाद गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टो करेंसी या हवाला के जरिए पैसा मंगाया जाता.

एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र ने बताया कि प्रतिदिन 25-30 अमेरिकी नागरिकों को जाल में फंसाया जाता था. कर्मचारियों को 30 से 70 हजार रुपए नकद वेतन दिया जाता था. गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टो को गुजरात में बैठे मास्टरमाइंड के पास भेजा जाता, जो उन्हें कैश करवाता था. गिरोह का इंडिया हेड गुजरात से नेटवर्क चलाता है. कुछ सदस्य अमेरिका में भी हैं और दूसरे प्रदेश में एक और कॉल सेंटर डेटा जुटाने का काम करता है.

कैसे खुला राज?

तड़के साढ़े चार बजे अलीगंज थाने के सिपाही विपिन कुमार वर्मा गश्त पर थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने रिध्या पैलेस का शटर खुलते देखा. संदेह होने पर पूछताछ शुरू की तो पूरा राज खुल गया. एसीपी और इंस्पेक्टर को सूचना दी गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचकर छापेमारी की. कॉल सेंटर से लैपटॉप, मोबाइल, कंप्यूटर, आधार कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए गए.
लखनऊ में इससे पहले भी जुलाई में कई अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ हो चुका है. आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

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