राम मंदिर चंदा चोरी: SIT ने 7000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं

राम मंदिर चंदा चोरी: SIT ने 7000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं
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Ram Mandir Chanda Chori: राम मंदिर में चंदा चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के खिलाफ 7000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि कैश की गिनती और उसे हैंडल करने के दौरान गड़बड़ियां हुई थीं. हालांकि सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय या पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है.

SIT ने 173 गवाहों से पूछताछ की

अपनी जांच के हिस्से के तौर पर 3 सदस्यों वाली SIT ने 173 गवाहों से पूछताछ की और मामले से जुड़े फाइनेंशियल और डॉक्यूमेंट्री रिकॉर्ड की जांच की. जांचकर्ताओं ने कैश-गिनने वाले इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी देखे. सूत्रों के मुताबिक फुटेज में 105 ऐसी घटनाएं दिखीं जिनमें कथित तौर पर बिना इजाजत के कैश निकाला या छिपाया गया था. बताया जा रहा है कि इन घटनाओं को चार्जशीट के साथ जमा किए गए सबूतों में शामिल किया गया है. आरोपियों के खिलाफ मामला तैयार करते वक्त जांच में फोरेंसिक ऑडिट के नतीजों, वित्तीय दस्तावेजों, कथित बरामदगी और संपत्ति-ट्रैकिंग की जानकारी का भी सहारा लिया गया.

अब तक 8 लोग गिरफ्तार

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया था. ये कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले पर संज्ञान लेने से पहले उठाया गया था. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाले पैनल ने 23 जून को राज्य सरकार को शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी. बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में जांच और मामले को संभालने से जुड़ी कई सिफारिशें शामिल थीं.

अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव (जिन्हें टिन्नू के नाम से भी जाना जाता है) को आरोपी बनाकर केस दर्ज किया गया है. एफआईआर में कुछ अन्य अज्ञात लोगों का भी जिक्र है.

सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है. SIT की तरफ से अब दाखिल की गई चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और दान से जुड़ी गड़बड़ियों में आरोपियों की कथित भूमिका की डिटेल दी गई है.

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