
Jamui Crime News: बिहार के जमुई जिले से अपराध और सजा का एक अजब-ओ-गरीब मामला सामने आया है. यहां बेटे के गुनाह की जांच करते-करते पुलिस 23 साल पुराने दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) के फरार आरोपी तक पहुंच गई. मड़वा गांव में 10वीं की छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार मुख्य आरोपी नंदन यादव के पिता गनौरी यादव को पुलिस ने 23 साल पुराने दो सगे भाइयों की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
घटनाक्रम की शुरुआत 19 सितंबर को हुई, जब जमुई के मड़वा गांव में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की खौफनाक वारदात सामने आई. घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव की तलाश तेज कर दी. 22 सितंबर को प्रतापपुर नदी घाट के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ (एनकाउंटर) हुई, जिसके बाद पुलिस ने साहसिक कार्रवाई करते हुए नंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में खुला पिता का 23 साल पुराना खौफनाक राज
नंदन यादव से कड़ाई से की गई पूछताछ और उसके पारिवारिक आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान पुलिस के हाथ चौंकाने वाली जानकारी लगी. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पता चला कि नंदन का पिता गनौरी यादव वर्ष 2003 से डबल मर्डर केस में फरार चल रहा है. पुलिस ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए गनौरी यादव को उसके गांव प्रतापपुर से धर दबोचा.
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क्या था साल 2003 का डबल मर्डर कांड?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 2003 को टाउन थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में खूनी विवाद हुआ था. इस विवाद में डीपी यादव और पुणे यादव नामक दो सगे भाइयों की बेदर्दी से हत्या कर दी गई थी. हत्याकांड के बाद मृतकों की मां संसारी देवी ने टाउन थाने में FIR दर्ज कराई थी, जिसमें गनौरी यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था. घटना के बाद से ही गनौरी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था.
पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई
जमुई टाउन थाना पुलिस ने गनौरी यादव को गिरफ्तार करने के बाद अदालत (कोर्ट) में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बेटे नंदन और पिता गनौरी दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी गहनता से जांच की जा रही है.