
Cockroach Janta Party Gyanesh Kumar Resignation: भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के साथ चल रहे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं. गुरुवार (24 सितंबर, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस नेशनल प्रेशर ग्रुप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मुख्य मांग की. इसके साथ ही ग्रुप ने चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाने और आने वाले सभी चुनावों को रोकने की भी मांग की है.
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो विरोध प्रदर्शन शुरू होगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो जंतर-मंतर 2.0 निश्चित रूप से होगा.
विवाद क्या है?
बुधवार को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार की एक जांच रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के नाम पर लिए गए फैसलों पर आपत्ति जताई. रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी 4 आपत्तियां एक ही दिन में की गई थीं. IE रिपोर्ट में आगे कहा गया कि इन असहमति के मामलों में फॉर्म 6 में बदलाव, ERONet सिस्टम का केंद्रीकरण, वोटर लिस्ट से नाम हटाने की अपील और अन्य मुद्दे शामिल थे.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि संधू और जोशी ने EC के IT कामकाज में बदलाव के संबंध में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र भी लिखे थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। आयुक्तों को चिंता थी कि इन बदलावों से वोटर लिस्ट को मैनेज करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिस्टम पर निगरानी कम हो सकती है.
EC का स्पष्टीकरण
रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि उसके द्वारा लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। HT को दिए गए बयान में कहा गया कि चुनाव आयोग के सभी फ़ैसले (जिनमें SIR भी शामिल है) सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की मंज़ूरी से लिए गए हैं.