बुर्का और नकाब हो गया बैन: कैबिनेट ने दी मंजूरी-मच गया हडकंप

बुर्का और नकाब हो गया बैन: कैबिनेट ने दी मंजूरी-मच गया हडकंप
बुर्का और नकाब हो गया बैन: कैबिनेट ने दी मंजूरी-मच गया हडकंप

कोटा। राजस्थान के कोटा में दो बालिग युवतियों की कहानी सामने आई है. दोनों आपस में रिश्तेदार हैं. करीब तीन साल पहले दोस्ती हुई. दोस्ती धीरे-धीरे इतनी गहरी हो गई कि दोनों ने तय किया कि अब साथ ही रहेंगे. परिवार को ये सब मंजूर नहीं था. दोनों करीब पांच महीने पहले घर छोड़कर चली गईं और सवाई माधोपुर में किराए का कमरा लेकर रहने लगीं.

कुछ समय बाद परिवार ने दोनों से संपर्क किया और उन्हें वापस बुलाया. मंगलवार को दोनों को समझाने के लिए बोरखेड़ा थाने लाया गया. यहां पुलिस और परिजनों के सामने दोनों ने साफ-साफ कहा कि हम एक-दूसरे से प्यार करते हैं और जिंदगीभर साथ रहना चाहते हैं. परिजनों ने समझाने की कोशिश की. दोनों से अलग होने के लिए कहा गया. लेकिन दोनों अपने फैसले से पीछे नहीं हटीं.

लेकिन इसके बाद मामला और गंभीर हो गया. मामला कोटा के बोरखेड़ा इलाके का है. पुलिस के मुताबिक, दोनों युवतियां आपस में रिश्तेदार हैं. एक दीगोद क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है, जबकि दूसरी सीमल्या के पास के गांव की रहने वाली है. करीब तीन साल पहले दोनों की दोस्ती हुई थी.

वक्त के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं. दोनों ने साथ रहने का फैसला किया. परिवार को जब इस रिश्ते की जानकारी हुई तो विरोध शुरू हो गया. इसके बाद करीब पांच महीने पहले दोनों घर से चली गईं. सवाई माधोपुर पहुंचकर दोनों ने किराए पर कमरा लिया और वहीं काम करने लगीं. इधर परिवार दोनों की तलाश कर रहा था. दोनों के घर से चले जाने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी.

परिवार ने वापस बुलाया, फिर थाने में समझाया गया

कुछ समय बाद परिजनों का दोनों से संपर्क हो गया. परिवार ने उन्हें वापस बुलाया. मंगलवार को दोनों को बोरखेड़ा थाने लाया गया. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उम्मीद थी कि बातचीत और समझाइश के बाद दोनों अलग होने के लिए तैयार हो जाएंगी. लेकिन थाने में दोनों ने अपना फैसला बदलने से इनकार कर दिया. उन्होंने पुलिस और परिवार के सामने कहा कि वे एक-दूसरे से प्यार करती हैं और जिंदगीभर साथ रहना चाहती हैं.

परिजनों ने उन्हें समझाया. परिवार की तरफ से रिश्ते को लेकर आपत्ति जताई गई. लेकिन दोनों अपनी बात पर कायम रहीं. पुलिस के सामने दोनों बालिग थीं. इसलिए उनके बयान दर्ज किए गए और पुलिस ने उन्हें जाने दिया.

पुलिस के मुताबिक, दोनों युवतियों ने पहले ही कीटनाशक पी लिया था. शुरुआत में उन्हें इसका असर ज्यादा महसूस नहीं हुआ. इसलिए वे बोरखेड़ा थाने पहुंचीं. लेकिन कुछ समय बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी. हालत खराब होती देख उन्हें तुरंत एमबीएस अस्पताल ले जाया गया. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है. पुलिस के मुताबिक, दोनों युवतियां अस्पताल में भी अपने फैसले पर कायम हैं और साथ रहने की बात कह रही हैं.

बोरखेड़ा सीआई अजीत बागड़ोलिया के मुताबिक, दोनों युवतियां बालिग हैं और आपस में रिश्तेदार हैं. एक युवती दीगोद क्षेत्र के गांव की रहने वाली है, जबकि दूसरी सीमल्या के पास के गांव की निवासी है. करीब पांच महीने पहले दोनों घर से चली गई थीं और सवाई माधोपुर में रह रही थीं.

परिजनों के संपर्क करने के बाद वे वापस आईं. दोनों ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए. पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग होने के कारण उन्हें जाने दिया गया था. बाद में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया. दोनों ने करीब आठवीं तक पढ़ाई की है. फिलहाल दोनों युवतियां अस्पताल में हैं. उनकी तबीयत को लेकर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है. पुलिस दोनों युवतियों और उनके परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है.

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