अमेरिकाईरान में फिर भड़की युद्ध की आग, एक सप्ताह में 11% उछला कच्चा तेल, क्या देश में बदला पेट्रोलडीजल का भाव?

अमेरिकाईरान में फिर भड़की युद्ध की आग, एक सप्ताह में 11% उछला कच्चा तेल, क्या देश में बदला पेट्रोलडीजल का भाव?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह बड़ी तेजी देखने को मिली है. इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है. दोनों देशों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे मध्य पूर्व में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में 19 जुलाई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

अमेरिकाईरान में फिर भड़की युद्ध की आग, एक सप्ताह में 11% उछला कच्चा तेल, क्या देश में बदला पेट्रोलडीजल का भाव?

सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोलडीजल के दाम पहले जैसे ही बनाए रखे हैं. देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार 25 मई 2026 को संशोधन किया गया था. उसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.

प्रमुख शहरों में तेल की कीमतें

शहर पेट्रोल कीमत डीजल कीमत
नई दिल्ली ₹102.12 ₹95.20
कोलकाता ₹113.51 ₹99.82
मुंबई ₹111.21 ₹97.83
चेन्नई ₹107.77 ₹99.55
गुरूग्राम ₹102.97 ₹95.64
नोएडा ₹102.12 ₹95.56
बेंगलुरु ₹111.68 ₹99.56
भुवनेश्वर ₹108.97 ₹100.68
चंडीगढ़ ₹101.54 ₹89.47
हैदराबाद ₹115.73 ₹103.82
जयपुर ₹112.69 ₹97.78
लखनऊ ₹101.59 ₹95.06
पटना ₹113.43 ₹99.44
तिरुवनंतपुरम ₹114.52 ₹103.38

क्यों महंगा हो रहा है कच्चा तेल?

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब पहले से ज्यादा गंभीर हो गया है. दोनों देश एकदूसरे के सैन्य ठिकानों के साथसाथ पुल, बिजली व्यवस्था और बंदरगाहों जैसी अहम सुविधाओं को भी निशाना बना रहे हैं. इससे मध्य पूर्व में तेल की आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है.

सबसे ज्यादा चिंता हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है और बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के अलगअलग देशों तक पहुंचता है. अगर यहां सप्लाई प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं.

ब्रेंट क्रूड में बड़ी तेजी

पूरे सप्ताह चले तनाव के बीच शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 88 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. यह अप्रैल के बाद इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी मानी जा रही है. वहीं बीते एक सप्ताह में कच्चे तेल में 11% की तेजी आई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है.

भारत में अभी क्यों नहीं बढ़े पेट्रोलडीजल के दाम?

भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें सरकारी तेल विपणन कंपनियां तय करती हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद कंपनियों ने फिलहाल घरेलू कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. इससे आम लोगों को राहत मिली हुई है. हालांकि, भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसलिए अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय तक तेल महंगा बना रहता है, तो आने वाले दिनों में इसका असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *