
Muzaffarnagar Widow Bahu Second Marriage: रिश्ते सिर्फ खून के नहीं होते, कई बार मुश्किल वक्त में निभाई गई जिम्मेदारियां उन्हें उससे भी ज्यादा मजबूत बना देती है. यूपी के मुजफ्फरनगर के खतौली से सामने आई एक ऐसी ही कहानी में एक सास ने अपनी विधवा बहू को बहू नहीं बल्कि बेटी मानते हुए उसके भविष्य के बारे में फैसला लिया. बेटे की मौत के करीब एक महीने बाद उन्होंने बहू की सहमति से उसकी दूसरी शादी कराई. इस दौरान देवर ने भी अपने दिवंगत भाई की जिम्मेदारी निभाते हुए भाभी के कन्यादान की रस्म पूरी की.
10 साल पहले हुई थी मीनाक्षी और रोहित की शादी
मीनाक्षी हरिद्वार के बहादुरपुर की रहने वाली हैं. करीब 10 साल पहले यानी 2016 में उनकी पहली शादी मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे के दयालपुरम निवासी रोहित से हुई थी. शादी के बाद दोनों सामान्य पारिवारिक जीवन जी रहे थे. दंपति की दो बेटियां हैं. बड़ी बेटी ऋतु की उम्र करीब 7 साल है, जबकि छोटी बेटी अविका अभी करीब डेढ़ साल की है. परिवार के लिए सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अगस्त में अचानक परिस्थितियां बदल गईं.
महज दो दिनों में पिता और फिर बेटे की मौत
14 अगस्त को कैंसर से जूझ रहे रोहित के पिता ओमपाल का निधन हो गया. परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अगले ही दिन यानी 15 अगस्त को रोहित ने भी दुनिया को अलविदा कर दिया. लगातार दो दिनों में पिता और बेटे को खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. रोहित की मौत के बाद मीनाक्षी अपवी दोनों छोटी बेटियों के साथ रह गईं.
सास ने बहू के भविष्य को बनाया प्राथमिकता
किसी भी मां के लिए उसके बच्चे को खोने का दुख काफी ज्यादा होता है, लेकिन सास सुनीता ने इस कठिन समय को शोक में न बिताकर अपनी बहू की भविष्य की चिंता की क्योंकि, उसके सामने उसकी पूरी जिंदगी ऊपर से उसके दो बेटियों की जिम्मेदारी थी. इस पर सास सुनीता ने बहू से इस बारे में बातचीत की और उसकी इच्छा जानी. इसके बाद परिवार ने मीनाक्षी की सहमति से उसका दूसरा विवाह कराने का फैसला लिया.
बहू की करवाई दूसरी शादी
परिवार की सहमति और मीनाक्षी की मंज़ूरी के बाद, राजस्थान के नारायणपुर के रहने वाले योगेश से शादी पक्की हुई. योगेश वहां चाट का बिज़नेस करते हैं. बुधवार को आर्य समाज मंदिर में पूरे रीति-रिवाजों के साथ दोनों की शादी हुई. शादी के दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे, और मीनाक्षी को सम्मान के साथ नई ज़िंदगी शुरू करने के लिए विदा किया गया.
देवर ने निभाया भाई का रोल
इस शादी की सबसे खास बात यह थी कि मीनाक्षी के जीजा मोहित ने भाई का रोल निभाया. उन्होंने कन्यादान की रस्म पूरी की और शादी की दूसरी पारंपरिक ज़िम्मेदारियों में हिस्सा लिया. मोहित का कहना है कि भाई की मौत के बाद उनकी साली के आगे लंबी ज़िंदगी है, और दोनों बेटियों का भविष्य भी ज़रूरी है. इसी सोच के साथ परिवार ने यह फ़ैसला किया.
‘बहू की तरह नहीं, बेटी की तरह विदा किया’
सास सुनीता का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपनी बहू को बेटी की तरह रखा है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, मीनाक्षी को उनके नए घर में बेटी की तरह विदा किया गया है. उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी परिवार के रिश्ते वैसे ही रहेंगे और जब भी उन्हें उनकी ज़रूरत होगी, वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे.
मीनाक्षी ने साफ़ किया कि शादी उनकी अपनी मर्ज़ी से हुई थी और उन पर कोई दबाव नहीं था. उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया और उन्होंने यह फ़ैसला अपने भविष्य को ध्यान में रखकर लिया. उन्होंने अपनी सास और परिवार को भी धन्यवाद दिया.