Please assign a menu to the primary menu location under menu

Health

No Sugar डाइट कहीं पड़ न जाए भारी! आयुर्वेद के अनुसार जानें मीठा खाने का सही समय और तरीका

No Sugar डाइट कहीं पड़ न जाए भारी! आयुर्वेद के अनुसार जानें मीठा खाने का सही समय और तरीका

Healthy Diet Tips: फिटनेस ट्रेंड में आजकल नौ शुगर डाइट का चलन बढ़ता जा रहा है लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। क्योंकि शरीर को ऊर्जा और मानसिक संतुलन के लिए सही समय पर मीठे के सेवन की जरूरत होती है।

फिटनेस का नया ट्रेंड

फिटनेस और बेहतर स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ी है। इसी जागरूकता के चलते नो शुगर और लो सोडियम डाइट का ट्रेंड वर्तमान समय में काफी लोकप्रिय हो गया है। लोग वजन घटाने और बीमारियों से बचने के लिए मीठे से पूरी तरह दूरी बनाने लगे हैं। हालांकि प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के अनुसार मीठे को आहार से पूरी तरह निकाल देना सही नहीं है। शरीर के संतुलन और निरंतर ऊर्जा बनाए रखने के लिए मीठे का सीमित और संतुलित मात्रा में सेवन अत्यंत आवश्यक माना गया है।

शरीर की जरूरत है मीठा

आयुर्वेद स्पष्ट करता है कि यदि भोजन प्रकृति के नियमों के अनुसार किया जाए तो वह शरीर के लिए दवा की तरह काम करता है। मीठा हमारे शरीर में तुरंत ऊर्जा का संचार करता है और पेट भरे होने का अहसास कराता है जिससे भूख की तृप्ति होती है। केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी मीठा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मन को खुश रखने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक होता है।

कब खाना चाहिए मीठा

अक्सर हम सभी की आदत होती है कि भारी भोजन करने के बाद अंत में कुछ मीठा खाते हैं। लेकिन आयुर्वेद इसके बिल्कुल विपरीत सलाह देता है। आयुर्वेद के अनुसार मीठा हमेशा भोजन से पहले खाना चाहिए। इसके पीछे का वैज्ञानिक तर्क यह है कि भोजन के अंत में मीठा खाने से शरीर में कफ दोष बढ़ सकता है जो पाचन में बाधा उत्पन्न करता है। यदि आप सही समय और सही तरीके से मीठा खाते हैं तो यह शरीर को ताकत देता है लेकिन गलत समय पर इसका सेवन मोटापे और आलस का कारण बन सकता है।

क्या खाएं और किन चीजों से बचें

मीठे की तलब को शांत करने के लिए विकल्पों का चुनाव बहुत सावधानी से करना चाहिए। आयुर्वेद प्रकृति से मिलने वाले मीठे फलों, गुड़, खजूर या घर पर बने शुद्ध हलवे को प्राथमिकता देने की सलाह देता है। इसके विपरीत बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ और प्रोसेस्ड शुगर से बचना चाहिए। ये पदार्थ रक्त में शर्करा की मात्रा को बहुत तेजी से बढ़ाते हैं जो विशेष रूप से मधुमेह के रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

अधिक मीठे के नुकसान

शरीर के लिए मीठा जरूरी है लेकिन इसकी अधिकता कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। सीमित मात्रा से अधिक मीठा खाने से बढ़ते वजन, शरीर में सूजन, मधुमेह, अत्यधिक आलस और कफ से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मीठा छोड़ना समाधान नहीं है बल्कि इसे सही समय पर और सही स्रोत से लेना ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

hi.quicksamachar@gmail.com

Leave a Reply