Please assign a menu to the primary menu location under menu

India

PACL मनी-लॉन्ड्रिंग केस में 1986 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच:पंजाब-राजस्थान में ED ने 37 प्रॉपर्टी पर की कार्रवाई

PACL मनी-लॉन्ड्रिंग केस में 1986 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच:पंजाब-राजस्थान में ED ने 37 प्रॉपर्टी पर की कार्रवाई

जयपुर। ईडी ने लुधियाना और जयपुर में 1986.48 करोड़ की 37 अचल प्रॉपर्टीज को प्रोविजनली अटैच किया। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के नियमों के तहत यह कार्रवाई की।

इस स्कीम में खेती की जमीन की बिक्री और डेवलपमेंट की आड़ में पूरे देश में लाखों इन्वेस्टर्स से 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई थी। वर्ष 2014 में CBI नई दिल्ली ने इस संबंध में केस दर्ज किया था। इन्वेस्टर्स का करीब 48 हजार करोड़ रुपए का पेमेंट अभी बाकी है।

ईडी ने सोमवार को मामले में जानकारी दी।

अभी 48 हजार करोड़ का पेमेंट बाकी सीबीआई की ओर से फाइनेंशियल फ्रॉड को लेकर जांच की गई। जांच में सामने आया कि गलत तरीके से कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई गई। इन्वेस्टर्स को कैश डाउन पेमेंट और इंस्टॉलमेंट पेमेंट प्लान के जरिए इन्वेस्ट करने के लिए उकसाया गया। उनसे एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स जैसे- गुमराह करने वाले डॉक्यूमेंट्स पर साइन करवाए गए।

ज्यादातर मामलों में कोई जमीन नहीं दी गई। इन्वेस्टर्स का करीब 48 हजार करोड़ रुपए का पेमेंट अभी बाकी है। इस स्कीम में धोखाधड़ी को छिपाने के लिए कई फ्रंट एंटिटी और रिवर्स सेल ट्रांजेक्शन का यूज किया गया। अनजान इन्वेस्टर्स से एकत्र किए गए फंड्स को अलग-अलग रिलेटेड और अन-रिलेटेड एंटिटीज के जरिए भेजा गया। आखिर में स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के मेंबर-साथियों और मैसर्स PACL की रिलेटेड एंटिटीज के बैंक अकाउंट्स में जमा किया गया। इन फंड्स का उपयोग बाद में उनके नाम पर इमूवेबल प्रॉपर्टीज खरीदने के लिए किया गया।

ऐसे चली जांच

जांच के दौरान सामने आया कि स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर, बेटी बरिंदर कौर व सुखविंदर कौर और दामाद गुरप्रताप सिंह और सहयोगी प्रतीक कुमार के खिलाफ ओपन-एंडेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए गए हैं।
ED ने वर्ष 2016 में ECIR दर्ज की और वर्ष 2018 में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की।
इसके बाद वर्ष 2022 और 2025 में दो सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट, क्राइम की कमाई को लॉन्ड्रिंग करने वाले आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ फाइल की गईं। स्पेशल कोर्ट (PMLA) ने अब तक फाइल की सभी प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट पर संज्ञान लिया है।
अब तक 7 हजार 589 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच अटैच की गई 37 प्रॉपर्टी की पहचान इन्वेस्टर फंड से हासिल की गई, जिसे प्रॉपर्टी के तौर पर की गई है। क्राइम की कमाई को लेकर अटैचमेंट के साथ ED ने अब तक करीब 7 हजार 589 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति अटैच की है। इसमें भारत और विदेश में मौजूद प्रॉपर्टी शामिल है। आगे की जांच जारी है।

hi.quicksamachar@gmail.com

Leave a Reply