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उत्तर प्रदेश: महोबा जिले में पोस्टिंग के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत ले रहे सीएमओ कार्यालय में तैनात प्रोजेक्ट मैनेजर को झांसी से आई विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा, जिसके बाद प्रोजेक्ट मैनेजर रोता गिड़गिड़ाता रहा। विजिलेंस टीम ने आरोपी प्रोजेक्ट मैनेजर को गिरफ्तार करने के बाद विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मच गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात परिवार कल्याण के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेश सोनी को आज झांसी से आई 12 सदस्यीय विजिलेंस टीम ने पोस्टिंग के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
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दरअसल कबरई में तैनात सीएचसी अकाउंटेंट के पद पर तैनात मोहम्मद मेराज को साल 2024 में सीएमओ आशाराम के निर्देश पर सीएचसी पनवाड़ी में अटैच कर दिया था। तकरीबन दो साल से पनवाड़ी में ड्यूटी कर रहे मेराज द्वारा अटैचमेन्ट निरस्त करा मूल तैनाती स्थान सीएचसी कबरई में पोस्टिंग कराने का प्रयास किया जा रहा था। आरोप है कि सीएमओ कार्यालय में परिवार कल्याण प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेश सोनी ने अटैचमेंट खत्म करा कबरई में तैनाती कराने के नाम पर मोहम्मद मेराज से साढ़े तीन लाख रुपए की डिमांड की थी। बातचीत के बाद दो लाख में डील फिक्स हुई थी। पीड़ित ने विजिलेंस टीम से संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ प्रोजेक्ट मैनेजर
विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आज शहर के चरखारी बाईपास स्थित एक होटल में शिकायतकर्ता के माध्यम से पैसे देने के नाम पर आरोपी को बुलाया था। जैसे ही पीड़ित ने दो लाख रुपये आरोपी स्वास्थ्य कर्मी के हाथ में दिए तभी पहले से अलर्ट विजिलेंस टीम ने आरोपी जीतेश शर्मा को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित मोहम्मद मेराज ने बताया कि उससे घूस मांगी गई थी और बात चल रही थी कि पैसा दे दो तो वापस कबरई में ट्रांसफर हो जाएगा। उसी की शिकायत पर आज विजिलेंस टीम ने राघव होटल के सर्विस सेंटर में जितेश सोनी को बुलाया और वहां से गिरफ्तार कर लिया l
(महोबा से शांतनु सोनी की रिपोर्ट)



