
Consumer Rights In India: बाजार में सामान खरीदते समय या किसी सेवा का लाभ लेते समय हम अक्सर यह मान लेते हैं कि दुकानदार जो कह रहा है वही सही है। लेकिन असल में भारतीय कानून के तहत उपभोक्ता को बाजार का राजा माना गया है।
हम सभी किसी न किसी रूप में उपभोक्ता हैं। सुबह के दूध के पैकेट से लेकर शाम की दवाइयों तक हर छोटी-बड़ी खरीदारी में हमारे कुछ अधिकार सुरक्षित हैं। अक्सर जानकारी के अभाव में हम ठगी का शिकार हो जाते हैं और छोटा मामला समझ कर चुप रह जाते हैं। लेकिन कानून की नजर में 1 रुपए की टॉफी पर हुई धोखाधड़ी भी उतनी ही गंभीर है जितनी लाखों की कार में खराबी। 15 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व दिवस का मकसद ही आपको अपनी इस ताकत का अहसास कराना है।
सुरक्षा का अधिकार
यह सबसे बुनियादी अधिकार है। इसके तहत उपभोक्ता को ऐसे सामान या सेवाओं की मार्केटिंग के खिलाफ सुरक्षा पाने का हक है, जो जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर खराब इलेक्ट्रिकल उपकरण या एक्सपायर दवाइयों के खिलाफ आप आवाज उठा सकते हैं।
सूचना का अधिकार
ग्राहक को सामान की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, मानक और कीमत के बारे में पूरी जानकारी पाने का हक है। यही कारण है कि हर पैकेट पर एमआरपी (MRP), निर्माण की तारीख और एक्सपायरी लिखना अनिवार्य है।
चुनने का अधिकार
कोई भी दुकानदार आपको किसी खास ब्रांड का सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। वैरायटी और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी पसंद का सामान चुनना आपका कानूनी अधिकार है।
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस (सौ. फ्रीपिक)
सुने जाने का अधिकार
यदि किसी उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी हुई है तो उसे उचित मंच पर अपनी बात रखने का हक है। कंपनियां आपकी शिकायत को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं। उनके लिए ‘ग्रिवेंस सेल’ बनाना अनिवार्य है।
निवारण का अधिकार
अगर सामान खराब निकलता है तो उपभोक्ता को उसे बदलवाने, पैसे वापस पाने या अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ मुआवजा पाने का पूरा हक है। इसके लिए आप कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार
सरकार और संस्थानों का यह दायित्व है कि वे उपभोक्ताओं को उनके करें। जागो ग्राहक जागो जैसे अभियान इसी अधिकार का हिस्सा हैं।
कहां और कैसे करें शिकायत
अब शिकायत दर्ज करना बहुत आसान हो गया है। आप नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1915 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा e-Daakhil पोर्टल के माध्यम से आप बिना किसी वकील के घर बैठे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। एक जागरूक ग्राहक ही सशक्त बाजार की नींव है।



