
दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर कर दिए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा नाकेबंदी लगाए जाने के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि वह पश्चिम एशिया से होने वाले ऊर्जा निर्यात को रोक सकता है। ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को कहा कि क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात या तो सभी देशों के लिए होगा या फिर किसी के लिए नहीं होगा। इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना संघर्ष का केंद्र
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। युद्ध से पहले दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था। अमेरिका ईरान के नियंत्रण को चुनौती देते हुए इस जलमार्ग को खुला रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि ईरान इस पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है।
अमेरिका ने दोबारा लगाई नाकेबंदी
अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नाकेबंदी लागू कर दी। इससे पहले अमेरिका ने अप्रैल के मध्य में भी नाकेबंदी की थी, जिसे जून के मध्य में हटा लिया गया था। नाकेबंदी हटाने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम समेत कई मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिन का अंतरिम समझौता हुआ था, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े तनाव के कारण बातचीत रुक गई।
अमेरिकी हमलों में ईरान के कई ठिकाने निशाने पर
यूएस सेंट्रल कमान के अनुसार, नाकेबंदी दोबारा लागू करने के दौरान अमेरिका ने ईरान पर करीब सात घंटे तक सैन्य कार्रवाई की। इस दौरान ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से किए गए हमलों के जवाब में की गई।
खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले
तनाव के बीच बहरीन और कुवैत में बुधवार तड़के मिसाइल हमलों की चेतावनी जारी की गई। दोनों देशों ने ईरान की ओर से हमले झेलने की बात कही।जॉर्डन ने भी दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को मार गिराया। ईरान ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। यूएस सेंट्रल कमान के प्रमुख नौसेना एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।
तेल और गैस की कीमतों पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो इसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। इससे तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। इससे पहले भी ईरान की ओर से समुद्री मार्गों को बाधित करने की धमकियों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता देखी गई थी।
ट्रंप ने दी और हमलों की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका आगे भी कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अगले कुछ दिनों में ईरान पर और हमले किए जा सकते हैं। वहीं, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिका को बताया हमलावर
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अमेरिका हमलावर है, पीड़ित नहीं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को पत्र लिखकर ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई का विरोध किया।
पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ा
अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच पश्चिम एशिया में बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक तनाव रहने से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित होगी बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
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