
अयोध्या। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के कथित दान चोरी मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राज्य सरकार पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
कोषाध्यक्ष की भूमिका पर उठाए सवाल
शंकराचार्य ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोष में अनियमितता या चोरी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद जवाबदेही तय नहीं की गई और जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई।
गिरफ्तार आरोपियों को बताया ‘बलि का बकरा’
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को केवल “बलि का बकरा” बनाया गया है। उनके अनुसार पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके।
चंपत राय के इस्तीफे को लेकर भी किया दावा
शंकराचार्य ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होने की चर्चा हुई, लेकिन ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के कथित इस्तीफे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय ने वास्तव में इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि केवल इसके प्रचार की बात सामने आई।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर जनजागरण यात्रा पर हैं। इसी क्रम में उनकी यात्रा अयोध्या पहुंची।
रुदौली से अयोध्या तक निकाली जा रही यात्रा
जनजागरण यात्रा रुदौली से शुरू होकर मिल्कीपुर, बीकापुर, गोसाईगंज होते हुए अयोध्या विधानसभा क्षेत्र तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।