
अमृत विचार : आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने बड़ा तांडव मचाया। स्टेशन उपाधीक्षक को बेरहमी से पीटा। हाथपैर पकड़कर स्टेशन पर घसीटा। घटना के वीडियो सामने आने पर रेलवे में हंगामा मच गया। मारपीट के आरोपी आरपीएफ के चार जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
यह सारा विवाद एक महिला यात्री को लेकर हुआ, जो हरीकुंड एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान चोटिल हो गई थीं। स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र चाहर ने ट्रेन रुकवाकर उन्हें बिठाने का प्रयास किया। इसी को लेकर आरपीएफ वालों से बहस हो गई। आरोपी है कि गालीगलौज के बाद मारपीट पर उतर आए।
घटना से स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। डीप्टी स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि उन्होंने महिला सुरक्षा यात्री की सुरक्षा को लेकर कार्यवाही की थी। उन्होंने आरपीएफ जवानों पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया है।
रेलवे में मचा हंगामा
रेलवे स्टेशन पर स्टेशन उपाधीक्षक के साथ आरपीएफ जवानों द्वारा मारपीट की घटना ने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। घटना की गंभीरता को देखते ही रेलवे प्रशासन फौरन एक्शन मोड में आ गया। आरपीएफ जवानों को सस्पेंड करने के साथ जांच बिठा दी है। जांच कमेटी में आगरा कैंट के एएससी, स्टेशन डायरेक्टर और एओएम आगरा शामिल हैं।
आरपीएफ के ये जवान सस्पेंड
रेलवे ने प्रथम दृष्टया तथ्यों के आधार पर आरपीएफ इंचार्ज सुरेंद्र चौधरी, एएसआई बाल किशन, एएसआई मेघराज मीणा, कांस्टेबल, बदन सिंह और कांस्टेबल जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सांसद पहुंचे स्टेशन
आगरा सांसद राज कुमार चाहर घटना के बाद रेलवे स्टेशन पहुंचे और आरपीएफ के जवानों की जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इस घटना से न सिर्फ आरपीएफ रेलवे की बदनामी हुई है, बल्कि आप लोग अपनी हरकतों से सरकार की भी बदनामी करा रहे हैं।