ईरान पर अमेरिका का आखिरी प्रहार पुल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तबाह, बनाया मिटटी का ढेर

ईरान पर अमेरिका का आखिरी प्रहार पुल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तबाह, बनाया मिटटी का ढेर

पश्चिम एशिया में तनाव अब बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही चेतावनी दी थी। उसके ठीक बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़ा हमला बोल दिया। अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान को निशाना बनाया है। इस बार सिर्फ सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि आम लोगों से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी हमले हुए हैं। हमलों में ईरान के पुल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तबाह हो गए हैं। ईरानी मीडिया का कहना है कि ये हमले दक्षिणी प्रांतों में हुए हैं। यह पूरा इलाका व्यापार के लिहाज से बेहद खास ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के पास है।

ईरान पर अमेरिका का आखिरी प्रहार पुल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तबाह, बनाया मिटटी का ढेर

अमेरिकी मिसाइलों ने कहांकहां मचाई तबाही?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि वे ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना चाहते हैं। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि अमेरिका ने जानबूझकर आम जनता की सुविधाओं और रास्तों को निशाना बनाया है।

इस भीषण हमले की पांच सबसे बड़ी बातें

हवाई अड्डे पर मिसाइल गिरी: ईरान के दक्षिणपूर्वी हिस्से में मौजूद ईरानशहर एयरपोर्ट पर जोरदार धमाके सुने गए। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एयरपोर्ट को निशाना बनाकर सीधे मिसाइलें दागीं।

रेलवे स्टेशन पर बमबारी: बंदर अब्बास शहर के मुख्य रेलवे जंक्शन स्टेशन पर हमला हुआ। इस धमाके में वहां काम करने वाले दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

दो बड़े पुल टूटे: होर्मोजगान प्रांत में दो बड़े पुलों को नष्ट कर दिया गया। ये पुल बंदर खमीर के पास थे। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, यहां हमले में दो लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। पुल टूटने से बंदर अब्बास, खमीर और लार के बीच का सड़क संपर्क टूट गया है।

अंधेरे में डूबा शहर: बंदर अब्बास में एक मोबाइल और संचार टावर पर हमला किया गया। इससे पूरे इलाके की बिजली कट गई और संचार सेवा ठप हो गई। इस हमले में सात लोग घायल हुए हैं। कई शहरों में धमाके: ईरान के केशम द्वीप, बुशहर और अहवाज शहर में भी धमाकों की गूंज सुनाई दी।

आखिर क्यों भड़के डोनाल्ड ट्रंप, क्या दी थी चेतावनी?
यह हमला अचानक नहीं हुआ है। दो दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी थी। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में साफ कहा था कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आया, तो उसका बहुत बुरा हाल होगा।

ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा था, ‘अगला हफ्ता ईरान के लिए बहुत बुरा होने वाला है। हम उनके बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाएंगे। अगर वे बातचीत के लिए नहीं आते, तो हम उनके सारे पावर प्लांट और पुल उड़ा देंगे।’ ट्रंप की इस धमकी के ठीक बाद अमेरिका ने इन ठिकानों को तबाह करना शुरू कर दिया।

क्या अब पूरे खाड़ी देशों में फैल जाएगी जंग की आग?
इस हमले से अब पड़ोसी देशों में भी घबराहट फैल गई है। शुक्रवार को कुवैत के आसमान में 32 ‘संदिग्ध ड्रोन’ मंडराते हुए देखे गए, जिससे वहां हड़कंप मच गया। वहीं, इराक की राजधानी बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को अलर्ट रहने को कहा है। वहां भी ड्रोन हमले का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

ईरान ने कुवैत और बहरीन को बनाया निशाना
दूसरी ओर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें और ड्रोन दाग दिए हैं। इन दोनों देशों में अमेरिकी सेना के बड़े ठिकाने हैं। दरअसल, रणनीतिक रूप से बेहद खास होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बाद दोनों देशों के बीच हुआ शांति समझौता पूरी तरह टूट गया है। अब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हमलों का दायरा बहुत बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेना ने न सिर्फ दक्षिणी ईरान, बल्कि पहली बार राजधानी तेहरान और मिसाइल हब माने जाने वाले सेमनान प्रांत को भी निशाना बनाया है। इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाहाकार मच गया है।

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