Quick Samachar: वॉशिंगटन: स्विटजरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर खत्म होने के एक दिन बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को फिर धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता है तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा। इसके पहले रविवार को ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की धमकी दी थी, जिसके बाद वार्ता में तनाव पैदा हो गया था। इस धमकी के बाद ईरानी वार्ताकार कुछ समय के लिए बातचीत की जगह से उठकर चले गए थे।

‘ईरान समझौते से हटा तो मुझे जो करना है, मैं वो करूंगा’, ट्रंप की नई धमकी​

अब ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी है। सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘अगर ईरान अपने समझौते पर कायम नहीं रहता है, या ठीक से व्यवहार नहीं करता है, तो मैं वही करूंगा जो मुझे करना है।” ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पिछले सप्ताह अमेरिकाईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

अमेरिकाईरान में उच्च स्तरीय कमेटी पर सहमति
इसी समझौते के तहत रविवार को दोनों देशों के प्रतिनिधि स्विटजरलैंड के बर्गेनस्टॉक में वार्ता के लिए मिले थे। इस दौरान दोनों पक्ष एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने पर सहमत हुए, जो बातचीत की प्रक्रिया की निगरानी करेगी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जेडी वेंस ने कहा कि ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत ने अंतिम समझौते के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। लेकिन तेहरान ने उन खबरों का खंडन किया कि बातचीत में उसके परमाणु कार्यक्रम को शामिल किया गया था।

ईरान तेल निर्यात पर मिली छूट
समझौते के तहत आर्थिक राहत के तौर पर अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान को 21 अगस्त तक प्रतिबंधों से छूट दी है, जिससे उसे तेल और उससे जुड़े उत्पादों का निर्यात करने और भुगतान प्राप्त करने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही ईरान की विदेश में फ्रीज की गई कुछ संपत्ति भी जारी की गई है। हालांकि, ट्रंप ने सोमवार को कहा कि फ्रीज संपत्ति को जारी करने से मिले पैसे का इस्तेमाल ईरान को सिर्फ अमेरिका से खाना खरीदने के लिए करना था।

अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदेगा ईरान
ट्रंप ने जोर देकर कहा, वह सारा पैसा खाना खरीदने के रूप में वापस आ रहा है, जिसकी उन्हें बहुत जरूरत है। उनकी आबादी 9.1 करोड़ है और वे उन्हें खाना नहीं खिला पा रहे हैं। इसलिए जो पैसा हम जारी कर रहे हैं, वह हमारे किसानों के पास जाएगा। हालांकि, ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुल नासेर हेम्माती ने कहा कि तेहरान अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान फंड का कुछ हिस्सा अन्य गैरप्रतिबंधित आयात के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

मध्यस्थता करने वाले कतर और पाकिस्तान के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने बर्गेनस्टॉक में बातचीत के दौरान 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समझौते की दिशा में रोडमैप पर सहमति जताई। इसके अलावा दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागन को पक्का करने के लिए एक टेलीफोन हॉटलाइन बनाने पर सहमत हुए हैं।

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