उन्नाव में हवा में लटका गंगा पुल अब होगा 1KM लंबा, 6 लाख लोगों को फायदा; 60 किलोमीटर का चक्कर खत्म!

उन्नाव में हवा में लटका गंगा पुल अब होगा 1KM लंबा, 6 लाख लोगों को फायदा; 60 किलोमीटर का चक्कर खत्म!

Unnao News: उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले के बीघापुर क्षेत्र में गढ़ेवाडोमनपुरकानपुर नगर मार्ग पर स्थित गंगा नदी के पुल के विस्तार की उम्मीद एक बार फिर बढ़ गई है. लोक निर्माण विभाग ने पुल के एप्रोच मार्ग के पुनर्निर्माण और पुल की लंबाई बढ़ाने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद वर्तमान 1300 मीटर लंबे पुल को बढ़ाकर 2300 मीटर किया जाएगा. इससे उन्नाव, रायबरेली और फतेहपुर के करीब छह लाख लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी.

उन्नाव में हवा में लटका गंगा पुल अब होगा 1KM लंबा, 6 लाख लोगों को फायदा; 60 किलोमीटर का चक्कर खत्म!

गढ़ेवा गांव के पास गंगा नदी पर यह पुल 2018 में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था. पुल बनने के बाद कानपुर की दूरी काफी कम हो गई थी और क्षेत्र के किसान, व्यापारी तथा आम लोग आसानी से शहर तक पहुंचने लगे थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। विशेष रूप से दूध और सब्जी उत्पादक किसानों को इसका सबसे अधिक लाभ मिला था, क्योंकि वे कम समय और कम खर्च में अपनी उपज कानपुर की मंडियों तक पहुंचाकर बेहतर दाम प्राप्त कर रहे थे.

लोगों को लगाना पड़ रहा लंबी दूरी का चक्कर

हालांकि, बाद के वर्षों में गंगा नदी में आई बाढ़ और लगातार कटान के कारण पुल के दोनों ओर बने संपर्क मार्ग बह गए. इससे पुल का उपयोग पूरी तरह बंद हो गया और लोगों को मजबूरन बक्सर या अचलगंज के रास्ते करीब 60 किलोमीटर का चक्कर लगाकर कानपुर जाना पड़ रहा है. इससे समय और टाइम और पैसा दोनों पहले से ज्यादा लगता है. जबकि किसानों को अपनी फसल स्थानीय मंडियों में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है.

स्थानीय निवासी अमित शुक्ला, मनोज सिंह और प्रदीप का कहना है कि यह पुल इलाके की जीवनरेखा था. इसके बंद होने से न केवल स्थानीय गांवों बल्कि रायबरेली और फतेहपुर के हजारों लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि पुल का जल्द निर्माण शुरू होना क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है.

पीडब्लूडी के अधिकारियों ने क्या कहा?

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता हृदयलाल अहिरवार ने बताया कि पुल के दोनों ओर लगभग 1000 मीटर अतिरिक्त निर्माण और नए एप्रोच मार्ग के लिए 120 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. अप्रैल में प्रस्ताव में कुछ तकनीकी कमियां होने के कारण उसे मंजूरी नहीं मिल सकी थी, लेकिन संशोधित प्रस्ताव दोबारा भेज दिया गया है. मंजूरी और बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि गढ़ेवा गंगा पुल का मुद्दा पिछले लोकसभा चुनाव में भी प्रमुख रहा था और अब आगामी विधानसभा चुनाव में भी यह बड़ा चुनावी मुद्दा बनने की संभावना है. क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद जल्द ही पुल का विस्तार होगा और लाखों लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा.

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