एशिया कप में ट्रॉफी लेने से क्यों पीछे हटी टीम इंडिया? मोहसिन नकवी को लेकर बीसीसीआई ने पहले ही बना लिया था पूरा प्लान​

एशिया कप में ट्रॉफी लेने से क्यों पीछे हटी टीम इंडिया? मोहसिन नकवी को लेकर बीसीसीआई ने पहले ही बना लिया था पूरा प्लान​

BCCI : महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला टीम ने मैदान पर जमकर जश्न मनाया, लेकिन ट्रॉफी समारोह ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर टीम ने ऐसा क्यों किया और यह फैसला किसके कहने पर लिया गया?

किसने लिया ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला?

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ किया है कि यह फैसला किसी एक खिलाड़ी या कप्तान का नहीं था, बल्कि बोर्ड का सामूहिक फैसला था। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम को इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी। यानी फाइनल जीतने के बाद अचानक खिलाड़ियों ने मंच पर यह फैसला नहीं लिया था, बल्कि पूरी स्थिति पहले से तय थी।

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी बताया कि बोर्ड ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए मौजूद रहते हैं, तो भारतीय टीम उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी।

मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से क्यों किया इनकार?

देवजीत सैकिया के मुताबिक, अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद भारतपाकिस्तान संबंधों की स्थिति बदल गई थी। ऐसे माहौल में भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला किया। उन्होंने इसे पिछले साल पुरुष टीम द्वारा अपनाए गए रुख से भी जोड़ा। महिला टीम का फैसला उसी रुख के समर्थन के तौर पर देखा गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने ट्रॉफी देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के विकल्प भी सुझाए थे। इनमें एसीसी के किसी अन्य अधिकारी से ट्रॉफी दिलाना या किसी प्रतिनिधि के जरिए ट्रॉफी सौंपना शामिल था।

मोहसिन नकवी ने भी नहीं जताई आपत्ति

दिलचस्प बात यह है कि राजीव शुक्ला ने बताया कि मोहसिन नकवी ने भारतीय टीम के इस फैसले पर आपत्ति नहीं जताई। हालांकि, भारतीय टीम आधिकारिक ट्रॉफी समारोह में शामिल नहीं हुई और खिलाड़ियों ने मंच से दूरी बनाए रखी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप का आठवां खिताब अपने नाम किया। मैदान पर जीत भारत की रही, लेकिन ट्रॉफी समारोह का विवाद अब भी चर्चा में बना हुआ है।

 

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