
कानपुर: रूसयूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में हुए ड्रोन हमले में कानपुर के रहने वाले मर्चेंट नेवी अधिकारी सागर गुप्ता की मौत से पूरे शहर में शोक की लहर है। शास्त्री नगर निवासी 30 वर्षीय सागर गुप्ता जिस मर्चेंट शिप पर तैनात थे, उस पर 18 जुलाई को ड्रोन हमला हुआ था। घटना के बाद से परिवार उनके शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा है।
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन ताडा और उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह के साथ शास्त्री नगर स्थित सागर गुप्ता के आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार को हरसंभव प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन पहुंचा परिवार के बीच
जिलाधिकारी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर से अनुमन्य सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
रूस जाते समय हुआ था ड्रोन हमला
परिजनों के मुताबिक, सागर गुप्ता मुंबई की एविशन नेविगेशन कंपनी में कार्यरत थे और मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे। वह 14 जून को कानपुर से रवाना हुए और अगले दिन दिल्ली से अपने जहाज पर पहुंचे।
सागर की पत्नी शालू ने बताया कि 17 जुलाई की रात उनकी अंतिम बार फोन पर बातचीत हुई थी। सागर ने बताया था कि उनका जहाज रूस की ओर जा रहा है, जहां माल लोड किया जाना था। उन्होंने अगले दिन फिर बात करने का वादा किया था, लेकिन इसके अगले ही दिन जहाज पर ड्रोन हमला हो गया।
21 जुलाई को मिली हादसे की जानकारी
परिवार के अनुसार, कई दिनों तक संपर्क न होने पर चिंता बढ़ गई। 21 जुलाई को मर्चेंट नेवी अधिकारियों से जहाज पर हमले की सूचना मिली। इसके बाद 23 जुलाई को डीजी शिप की ओर से सागर की मौत की पुष्टि की गई।
रूस में है शव, दस्तावेज भी नष्ट होने की सूचना
परिजनों के अनुसार कीव में भारतीय दूतावास से मिली जानकारी में बताया गया कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर शिप पर ड्रोन अटैक हुआ। यह भी पता चला कि सागर की मौत की जानकारी भारतीय दूतावास ने शेयर कर दी है। परिजनों के अनुसार उन्हें बेटे का शव कैसे मिलेगा, इसकी पता नहीं है। शिप मालिक ने बात करने से मना कर दिया है। सागर का शव रशिया में है। हमले में वीजा, पासपोर्ट और अन्य कागजात जल गए हैं। अब तक 30 जुलाई को शव देने के लिए कहा जा रहा था, लेकिन उस पर संशय है।
कई दिनों से दरवाजे पर टकटकी लगाए बूढ़ी मां
रमा गुप्ता की आंखे अपने लाल का चेहरा देखने के लिए कई दिनों से सुबह से लेकर शाम तक दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठी रहती हैं। रात में बेटे की तस्वीर लिए बैठी रहती हैं। यहीं हाल परिवार के अन्य लोगों का है। शालू के आंखों में आंसू देखकर बेटी पूछती है तो वह उसे लिपटाकर फफक पड़ती हैं। आठ दिन से परिजनों को सिर्फ सागर के शव का इंतजार है। खबर पाकर रिश्तेदार सांतवना देने आ रहे हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। घरवालों का कहना है कि उन्हें सागर के बारे में पुख्ता कोई जानकारी नहीं है। सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द पहुंचा दिया जाए।
15 अगस्त को जन्मदिन मनाने की थी तैयारी
सागर के भाई ने बताया कि 15 अगस्त को उसका जन्मदिन था। सोचा था कि पूरा परिवार एक जगह एकत्र होकर वीडियो कॉल करेंगे और सागर के जन्मदिन का केक काटा जाएगा। उसके लिए गिफ्ट लाएंगे। क्या पता था उससे पहले सागर सभी को रुलाकर चला जाएगा।